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| बिलासपुर में कार खरीदने के लिए पिता से 5 लाख रुपये की फिरौती मांगने वाले नाबालिग को पुलिस ने सुरक्षित बरामद किया। |
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में कार खरीदने की जिद को लेकर एक नाबालिग छात्र ने अपने ही अपहरण की झूठी कहानी रच दी। उसने अपने पिता के मोबाइल पर मैसेज भेजकर 5 लाख रुपये की फिरौती मांगी। बेटे के अपहरण का मैसेज मिलने से पिता घबरा गए और पुलिस को इसकी सूचना दी।
मामला रतनपुर थाना क्षेत्र का है। पुलिस ने करीब 4 घंटे तक तलाश करने के बाद छात्र को सुरक्षित बरामद कर लिया। पूछताछ में सामने आया कि छात्र अपने माता-पिता पर कार खरीदने के लिए दबाव बनाना चाहता था। इसी वजह से उसने अपहरण और फिरौती का पूरा घटनाक्रम रचा।
ट्यूशन जाने के बाद आया अपहरण और फिरौती का मैसेज
जानकारी के मुताबिक, रतनपुर क्षेत्र में रहने वाले एक शिक्षक मंगलवार सुबह स्कूल चले गए थे। इससे पहले उनका नाबालिग बेटा सुबह करीब 9 बजे स्कूटी से ट्यूशन पढ़ने के लिए लखराम गांव निकला था।
करीब डेढ़ घंटे बाद छात्र के मोबाइल नंबर से उसके पिता के फोन पर मैसेज आया। इसमें बेटे के अपहरण की बात कहते हुए 5 लाख रुपये की फिरौती मांगी गई थी। मैसेज पढ़ते ही पिता परेशान हो गए और अपने स्तर पर बेटे की तलाश शुरू कर दी।
काफी कोशिशों के बाद भी जब बेटे का कोई पता नहीं चला, तो पिता सुबह करीब 11:30 बजे रतनपुर थाने पहुंचे। उन्होंने पुलिस को अपहरण और फिरौती मांगे जाने की जानकारी दी।
पुलिस ने शुरू की तलाश, तालाब के पास मिली स्कूटी
मामले की जानकारी मिलने के बाद रतनपुर थाना प्रभारी टीआई निलेश पांडेय ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को सूचना दी। इसके बाद एएसपी ग्रामीण मधुलिका सिंह, क्राइम डीएसपी सुदीप सरकार, एसीसीयू प्रभारी गोपाल सतपथी और पुलिस टीम छात्र की तलाश में जुट गई।
तलाश के दौरान ग्राम चोरहा देवरी में तालाब के पास छात्र की स्कूटी मिली। इसके बाद तकनीकी टीम ने मोबाइल की लोकेशन की जांच की। जांच में सामने आया कि छात्र का मोबाइल आखिरी बार इसी इलाके में बंद हुआ था।
छात्र ने खुद पिता को फोन कर दी सुरक्षित होने की जानकारी
पुलिस टीम छात्र की तलाश कर रही थी, तभी उसने खुद अपने पिता को फोन किया। उसने बताया कि वह सुरक्षित है और ग्राम सेलर में मौजूद है।
जानकारी मिलने के बाद पुलिस टीम तत्काल ग्राम सेलर पहुंची। वहां से छात्र को बरामद कर शाम करीब 4 बजे रतनपुर थाने लाया गया। इस तरह पुलिस ने सूचना मिलने के करीब 4 घंटे के भीतर नाबालिग को सुरक्षित खोज लिया।
कार खरीदने के लिए बनाया अपहरण का झूठा प्लान
पुलिस की पूछताछ में छात्र ने बताया कि वह अपने माता-पिता से कार खरीदने की जिद कर रहा था। हालांकि, माता-पिता इसके लिए तैयार नहीं थे।
इसके बाद उसने उन पर दबाव बनाने के इरादे से खुद के अपहरण की झूठी कहानी तैयार की। छात्र ने अपने मोबाइल से पिता को मैसेज भेजकर 5 लाख रुपये की फिरौती मांगी, ताकि परिवार उसकी मांग मानने के लिए तैयार हो जाए।
पुलिस ने छात्र को समझाइश दी और बाद में उसे परिजनों के सुपुर्द कर दिया। मामले में सामने आया कि अपहरण की घटना वास्तविक नहीं थी, बल्कि कार खरीदने की मांग को लेकर छात्र ने खुद ही यह पूरा घटनाक्रम रचा था।
