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| ग्राम अंजोरा (ढ) में शासकीय सड़क पर कथित अतिक्रमण को लेकर शिकायत और जांच की मांग। |
दुर्ग जिले के ग्राम अंजोरा (ढ) में करीब 25 फीट चौड़ी शासकीय सड़क पर अतिक्रमण का मामला सामने आया है। गांव के निवासी भूखनलाल देशमुख ने पुनीत साहू, लेखराम साहू और नारद पर सड़क के हिस्से में बाउंड्रीवॉल, सेप्टिक टैंक, शौचालय, मकान और दुकान बनाने का आरोप लगाया है। उन्होंने जनदर्शन अधिकारी से मामले की जांच कराने, कथित अतिक्रमण हटवाने और संबंधित राजस्व अधिकारियों की भूमिका की पड़ताल करने की मांग की है।
भूखनलाल देशमुख के मुताबिक, सड़क पर कथित अतिक्रमण के कारण गांव के किसानों को ट्रैक्टर, हार्वेस्टर और अन्य कृषि उपकरण लाने-ले जाने में परेशानी हो रही है। उनका कहना है कि इस संबंध में पहले भी राजस्व अधिकारियों और अनुविभागीय अधिकारी के समक्ष शिकायत की गई, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हुआ है।
शिकायतकर्ता ने बताया कि उन्होंने इस मामले की शिकायत नायब तहसीलदार ढालसिंह बिसेन से की थी। उनके अनुसार, नायब तहसीलदार ने संबंधित व्यक्तियों को अतिक्रमण हटाने का आदेश दिया था। हालांकि, देशमुख का दावा है कि आदेश के बावजूद कथित अतिक्रमण नहीं हटाया गया।
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| राजस्व विभाग अधिकारी को पत्र लिखा गया । |
देशमुख ने यह भी बताया कि उन्होंने अनुविभागीय अधिकारी के समक्ष शिकायत रखी थी। उनका आरोप है कि शिकायत के बाद भी न तो सड़क से अतिक्रमण हटाया गया और न ही संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई हुई।
मामले में आगे की कार्रवाई के संबंध में शिकायतकर्ता ने बताया कि कुछ दिन पहले नायब तहसीलदार ने राजस्व निरीक्षक नगपुरा रत्ना शर्मा को अतिक्रमण स्थल का निरीक्षण और सीमांकन कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था। देशमुख के अनुसार, राजस्व निरीक्षक स्वयं मौके पर नहीं गईं और उनके स्थान पर पटवारी गीतानंद पांडे तथा जयप्रकाश यादव को भेजा गया।
शिकायतकर्ता ने दोनों पटवारियों की ओर से प्रस्तुत प्रतिवेदन को फर्जी बताते हुए उस पर आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि उन्होंने शासकीय नक्शे की प्रतिलिपि दिखाकर विधिवत सीमांकन करने का आग्रह किया था, लेकिन उनके मुताबिक पटवारियों ने ऐसा नहीं किया। इन आरोपों और प्रतिवेदन से संबंधित तथ्यों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी के आधार पर नहीं होती है।
भूखनलाल देशमुख ने जनदर्शन अधिकारी से नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक और दोनों पटवारियों की भूमिका की विभागीय जांच कराने तथा उचित कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही उन्होंने ग्रामवासियों को राहत देने के लिए करीब 25 फीट चौड़ी शासकीय सड़क से कथित अतिक्रमण शीघ्र हटवाने का आग्रह किया है।
फिलहाल उपलब्ध शिकायत विवरण में प्रशासन की ओर से इन आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया या अंतिम जांच निष्कर्ष शामिल नहीं है। ऐसे में मामले में आगे की कार्रवाई और सड़क के सीमांकन की स्थिति स्पष्ट होना बाकी है।
मामले में आगे की कार्रवाई के संबंध में शिकायतकर्ता ने बताया कि कुछ दिन पहले नायब तहसीलदार ने राजस्व निरीक्षक नगपुरा रत्ना शर्मा को अतिक्रमण स्थल का निरीक्षण और सीमांकन कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था। देशमुख के अनुसार, राजस्व निरीक्षक स्वयं मौके पर नहीं गईं और उनके स्थान पर पटवारी गीतानंद पांडे तथा जयप्रकाश यादव को भेजा गया।
शिकायतकर्ता ने दोनों पटवारियों की ओर से प्रस्तुत प्रतिवेदन को फर्जी बताते हुए उस पर आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि उन्होंने शासकीय नक्शे की प्रतिलिपि दिखाकर विधिवत सीमांकन करने का आग्रह किया था, लेकिन उनके मुताबिक पटवारियों ने ऐसा नहीं किया। इन आरोपों और प्रतिवेदन से संबंधित तथ्यों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी के आधार पर नहीं होती है।
भूखनलाल देशमुख ने जनदर्शन अधिकारी से नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक और दोनों पटवारियों की भूमिका की विभागीय जांच कराने तथा उचित कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही उन्होंने ग्रामवासियों को राहत देने के लिए करीब 25 फीट चौड़ी शासकीय सड़क से कथित अतिक्रमण शीघ्र हटवाने का आग्रह किया है।
फिलहाल उपलब्ध शिकायत विवरण में प्रशासन की ओर से इन आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया या अंतिम जांच निष्कर्ष शामिल नहीं है। ऐसे में मामले में आगे की कार्रवाई और सड़क के सीमांकन की स्थिति स्पष्ट होना बाकी है।

