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| टाटा पावर सोलर की फर्जी डिस्ट्रीब्यूटरशिप के नाम पर ठगी के मामले में बिहार से दो आरोपी गिरफ्तार। |
राजनांदगांव में टाटा पावर सोलर कंपनी की फर्जी डिस्ट्रीब्यूटरशिप दिलाने के नाम पर 11 लाख 36 हजार रुपये की ऑनलाइन ठगी का मामला सामने आया है। इस मामले में राजनांदगांव साइबर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए बिहार के बोधगया से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से मोबाइल फोन, लैपटॉप, स्कैनर, ATM कार्ड और ग्राहकों व बैंक खातों से जुड़ी जानकारी वाली नोटबुक समेत कई सामान जब्त किए हैं।
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Instagram पर टाटा पावर सोलर कंपनी की डिस्ट्रीब्यूटरशिप दिलाने का झांसा देने वाला फर्जी विज्ञापन लिंक तैयार किया था। इस लिंक के जरिए इच्छुक लोगों से उनका नाम, मोबाइल नंबर और अन्य व्यक्तिगत जानकारी हासिल की जाती थी। इसके बाद आरोपी खुद को कंपनी का प्रतिनिधि बताकर लोगों से संपर्क करते थे।
रजिस्ट्रेशन और एडवांस पेमेंट के नाम पर वसूले पैसे
लोगों का भरोसा जीतने के लिए आरोपी उन्हें कंपनी की डिस्ट्रीब्यूटरशिप दिलाने का भरोसा देते थे। इसके बाद रजिस्ट्रेशन फीस, मशीन की अग्रिम कीमत और कंपनी के अधिकारियों के आने-जाने के खर्च जैसे अलग-अलग बहानों से पैसे मांगे जाते थे।
आरोपी इन रकम को एक साथ लेने के बजाय अलग-अलग किश्तों में मंगवाते थे। लोगों को विश्वास दिलाने के लिए ईमेल के माध्यम से फर्जी दस्तावेज भी भेजे जाते थे। इसी तरीके से डिस्ट्रीब्यूटरशिप लेने के इच्छुक लोगों को निशाना बनाकर ऑनलाइन ठगी की गई।
बिहार से दो आरोपी गिरफ्तार
राजनांदगांव साइबर पुलिस ने मामले की जांच के बाद बिहार से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान प्रशांत कुमार उर्फ निक्की (27) और अभिषेक कुमार यादव उर्फ रवि (34) के रूप में हुई है।
प्रशांत कुमार बिहार के नालंदा जिले के सारे थाना क्षेत्र के निवासी हैं, जबकि अभिषेक कुमार यादव बिहार के औरंगाबाद जिले के बारुण थाना क्षेत्र के विशुनबीघा के रहने वाले हैं। दोनों को बिहार के बोधगया से गिरफ्तार किया गया।
मोबाइल, लैपटॉप और ग्राहकों की जानकारी वाली नोटबुक जब्त
पुलिस ने आरोपियों के पास से अलग-अलग कंपनियों के 7 मोबाइल फोन, एक HP लैपटॉप और एक स्कैनर डिवाइस जब्त किया है। इसके अलावा ग्राहकों और बैंक खातों की जानकारी दर्ज दो नोटबुक भी बरामद की गई हैं।
जब्त सामान में दो ATM कार्ड, ठगी में इस्तेमाल किए गए SIM कार्ड और अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस भी शामिल हैं। इन सामानों को मामले से जुड़े महत्वपूर्ण जब्ती के रूप में बताया गया है।
पुलिस ने लोगों से की सतर्क रहने की अपील
इस मामले के बाद पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी कंपनी की फ्रेंचाइजी या डिस्ट्रीब्यूटरशिप लेने से पहले उसकी आधिकारिक वेबसाइट पर पूरी जानकारी जरूर जांचें। केवल सोशल मीडिया पर दिखाई देने वाले विज्ञापनों के आधार पर किसी कंपनी पर भरोसा करके पैसे ट्रांसफर न करें।
इसके अलावा अनजान वेबसाइट और लिंक पर अपनी निजी जानकारी साझा करने से भी बचना चाहिए। किसी भी तरह की ऑनलाइन ठगी होने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क किया जा सकता है।
पीड़ित व्यक्ति राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल www.cybercrime.gov.in पर भी अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
