![]() |
| बिलासपुर में बेटी को रेलवे में नौकरी दिलाने का झांसा देकर महिला से 7 लाख रुपये लेने का आरोप। |
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर एक महिला से 7 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। आरोप है कि रेलवे में कार्यरत उसके एक दूर के रिश्तेदार ने महिला की बेटी को सरकारी नौकरी दिलाने का भरोसा देकर यह रकम ली थी। तीन महीने के भीतर नौकरी लगवाने का दावा किया गया, लेकिन काफी समय बीतने के बाद भी नियुक्ति से जुड़ा कोई कॉल लेटर नहीं मिला।
महिला ने जब अपने पैसे वापस मांगे तो आरोपी पर गाली-गलौज करने और झूठे मुकदमे में फंसाने, अपहरण करने तथा जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगा है। पीड़िता की शिकायत पर SSP रजनेश सिंह के निर्देश के बाद तारबाहर थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है।
कैसे शुरू हुआ रेलवे में नौकरी दिलाने का मामला?
मामला बिलासपुर के तारबाहर थाना क्षेत्र का है। व्यापार विहार स्थित FCI गोदाम के पास रहने वाली सविता मिश्रा अपनी बेटी के साथ रहती हैं। वह तलाकशुदा हैं। संतोषी मंदिर झोपड़ापारा में रहने वाला बलभद्र प्रसाद बाजपेई उनका दूर का रिश्तेदार है और रेलवे में नौकरी करता है।
महिला के मुताबिक, बलभद्र ने उसे बताया था कि रेलवे के बड़े अधिकारियों से उसकी अच्छी पहचान है। उसने 15 लाख रुपये लेने के बदले महिला की बेटी को रेलवे में नौकरी दिलाने की बात कही थी। सरकारी नौकरी मिलने की उम्मीद में महिला उसकी बातों में आ गई।
5 लाख का चेक और फिर 2 लाख रुपये नकद दिए
आरोप है कि महिला ने अपने दिवंगत पिता की ओर से दी गई जमा पूंजी में से 5 लाख रुपये का चेक आरोपी को दिया था। यह चेक 2 अप्रैल 2025 को सेंट्रल बैंक का था। आरोपी ने चेक के जरिए यह रकम निकाल ली।
इसके बाद आरोपी ने काम रुकने का डर दिखाकर महिला से और पैसे मांगे। 30 अप्रैल 2025 को उसने महिला को रेलवे ऑफिस बुलाया, जहां महिला ने उसे 2 लाख रुपये नकद दिए। इस तरह नौकरी दिलाने के नाम पर कुल 7 लाख रुपये दिए गए।
तीन महीने में नौकरी दिलाने का किया था दावा
महिला का कहना है कि आरोपी ने उसकी बेटी को तीन महीने के भीतर रेलवे में नौकरी दिलाने का भरोसा दिया था। लेकिन तय समय बीतने के बाद भी न तो नौकरी मिली और न ही कोई कॉल लेटर आया।
जब महिला ने इस बारे में आरोपी से सवाल किया तो वह कथित तौर पर टालमटोल करने लगा। इसके बाद महिला ने अपने दिए हुए पैसे वापस मांगे। आरोप है कि रकम लौटाने के बजाय आरोपी ने उसके साथ गाली-गलौज की और झूठे केस में फंसाने, अपहरण करने तथा जान से मारने की धमकी दी।
आरोपी पर बेटे की नौकरी के लिए जुगाड़ करने का भी आरोप
पीड़िता और उसकी बेटी के अनुसार, उन्हें पैसे देने के करीब एक साल बाद आरोपी की दूसरी योजना के बारे में जानकारी मिली। उनका आरोप है कि आरोपी खुद स्वस्थ होने के बावजूद कथित तौर पर मेडिकल अनफिट सर्टिफिकेट बनवाकर अपनी जगह अपने बेटे को रेलवे में नौकरी दिलाने की कोशिश कर रहा था।
महिला और उसकी बेटी का यह भी आरोप है कि आरोपी ने बेटे की नौकरी के लिए 15 लाख रुपये में सेटिंग की बात कही थी। उनके मुताबिक, महिला से लिए गए 7 लाख रुपये भी इसी व्यवस्था में लगाने की बात आरोपी ने कही थी।
हालांकि, इस संबंध में उपलब्ध जानकारी में आरोपी का पक्ष सामने नहीं आया है।
SSP से शिकायत के बाद दर्ज हुआ मामला
महिला का आरोप है कि ठगी की शिकायत लेकर वह कई बार तारबाहर थाने पहुंची, लेकिन वहां उसकी सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद उसने सीधे बिलासपुर के SSP रजनेश सिंह से मुलाकात कर अपनी शिकायत रखी।
SSP के निर्देश पर तारबाहर थाना प्रभारी ने आरोपी बलभद्र प्रसाद बाजपेई के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है।
फिलहाल उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। मामले में आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों की जांच और आगे की कानूनी कार्रवाई की स्थिति के संबंध में अतिरिक्त जानकारी उपलब्ध नहीं है।
हालांकि, इस संबंध में उपलब्ध जानकारी में आरोपी का पक्ष सामने नहीं आया है।
SSP से शिकायत के बाद दर्ज हुआ मामला
महिला का आरोप है कि ठगी की शिकायत लेकर वह कई बार तारबाहर थाने पहुंची, लेकिन वहां उसकी सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद उसने सीधे बिलासपुर के SSP रजनेश सिंह से मुलाकात कर अपनी शिकायत रखी।
SSP के निर्देश पर तारबाहर थाना प्रभारी ने आरोपी बलभद्र प्रसाद बाजपेई के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है।
फिलहाल उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। मामले में आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों की जांच और आगे की कानूनी कार्रवाई की स्थिति के संबंध में अतिरिक्त जानकारी उपलब्ध नहीं है।
