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| खैरागढ़ राज्योत्सव में पत्रकार के साथ कथित मारपीट के विरोध में पत्रकारों ने धरना देकर निष्पक्ष जांच की मांग की। |
खैरागढ़ में राज्योत्सव के दौरान समाचार संकलन कर रहे पत्रकार किशोर सोनी के साथ कथित मारपीट का मामला सामने आया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पत्रकारों में नाराजगी फैल गई। मामले के विरोध में जिला पत्रकार संघ सहित अन्य पत्रकार फतेह सिंह मैदान के मुख्य गेट पर धरने पर बैठ गए हैं। वहीं, मामले को संज्ञान में लेते हुए एक CAF जवान को सस्पेंड कर दिया गया है।
जानकारी के अनुसार, बंसल न्यूज के संवाददाता और जिला पत्रकार संघ के सदस्य किशोर सोनी राज्योत्सव कार्यक्रम की कवरेज कर रहे थे। इसी दौरान वहां मौजूद पुलिसकर्मियों के साथ किसी बात को लेकर विवाद हो गया। आरोप है कि कहासुनी बढ़ने के बाद पत्रकार के साथ हाथापाई और मारपीट की गई।
राज्योत्सव में विवाद के बाद मारपीट का वीडियो वायरल
घटना से संबंधित एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है। इसमें पत्रकार और पुलिसकर्मियों के बीच हाथापाई होती दिखाई दे रही है। वीडियो वायरल होने के बाद मामला चर्चा में आ गया और पत्रकार संगठनों ने इस घटना पर विरोध जताया।
पत्रकार के साथ हुई कथित मारपीट को लेकर जिले में आक्रोश का माहौल है। पत्रकार संगठनों ने मामले की जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई है।
फतेह सिंह मैदान के मुख्य गेट पर पत्रकारों का धरना
घटना के विरोध में जिला पत्रकार संघ सहित अन्य पत्रकार फतेह सिंह मैदान के मुख्य प्रवेश द्वार पर धरने पर बैठ गए। प्रदर्शन कर रहे पत्रकारों का कहना है कि समाचार संकलन करना पत्रकारों का पेशेवर दायित्व है और कवरेज के दौरान किसी तरह की आपत्ति होने पर नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
पत्रकारों ने कहा कि विवाद की स्थिति में पुलिस को संयम बरतना चाहिए। उनका मानना है कि किसी भी पत्रकार के साथ मारपीट करना उचित नहीं है। उन्होंने वायरल वीडियो की निष्पक्ष जांच कराने और घटना में शामिल पुलिसकर्मियों की पहचान करने की मांग की है।
दोषी पुलिसकर्मियों पर सख्त कार्रवाई की मांग
धरने पर बैठे पत्रकारों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। उनका कहना है कि पत्रकारों को समाचार संकलन के दौरान सुरक्षा मिलनी चाहिए और किसी भी विवाद का समाधान कानूनी प्रक्रिया के तहत किया जाना चाहिए।
इस मामले में एक CAF जवान को सस्पेंड किए जाने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, घटना से जुड़े सभी पहलुओं और अन्य संबंधित पुलिसकर्मियों की भूमिका को लेकर आगे की कार्रवाई पर नजर बनी हुई है।
पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर उठे सवाल
खैरागढ़ राज्योत्सव में हुई इस घटना ने सार्वजनिक आयोजनों के दौरान पत्रकारों की सुरक्षा और पुलिस के व्यवहार को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पत्रकार संगठनों का कहना है कि समाचार संकलन के दौरान विवाद होने पर पुलिस को कानून के दायरे में रहकर कार्रवाई करनी चाहिए। फिलहाल, मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग के बीच प्रशासन की आगे की कार्रवाई पर नजर बनी हुई है।
फतेह सिंह मैदान के मुख्य गेट पर पत्रकारों का धरना
घटना के विरोध में जिला पत्रकार संघ सहित अन्य पत्रकार फतेह सिंह मैदान के मुख्य प्रवेश द्वार पर धरने पर बैठ गए। प्रदर्शन कर रहे पत्रकारों का कहना है कि समाचार संकलन करना पत्रकारों का पेशेवर दायित्व है और कवरेज के दौरान किसी तरह की आपत्ति होने पर नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
पत्रकारों ने कहा कि विवाद की स्थिति में पुलिस को संयम बरतना चाहिए। उनका मानना है कि किसी भी पत्रकार के साथ मारपीट करना उचित नहीं है। उन्होंने वायरल वीडियो की निष्पक्ष जांच कराने और घटना में शामिल पुलिसकर्मियों की पहचान करने की मांग की है।
दोषी पुलिसकर्मियों पर सख्त कार्रवाई की मांग
धरने पर बैठे पत्रकारों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। उनका कहना है कि पत्रकारों को समाचार संकलन के दौरान सुरक्षा मिलनी चाहिए और किसी भी विवाद का समाधान कानूनी प्रक्रिया के तहत किया जाना चाहिए।
इस मामले में एक CAF जवान को सस्पेंड किए जाने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, घटना से जुड़े सभी पहलुओं और अन्य संबंधित पुलिसकर्मियों की भूमिका को लेकर आगे की कार्रवाई पर नजर बनी हुई है।
पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर उठे सवाल
खैरागढ़ राज्योत्सव में हुई इस घटना ने सार्वजनिक आयोजनों के दौरान पत्रकारों की सुरक्षा और पुलिस के व्यवहार को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पत्रकार संगठनों का कहना है कि समाचार संकलन के दौरान विवाद होने पर पुलिस को कानून के दायरे में रहकर कार्रवाई करनी चाहिए। फिलहाल, मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग के बीच प्रशासन की आगे की कार्रवाई पर नजर बनी हुई है।
