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| आरंग में हाइवा की चपेट में आने से 35 वर्षीय मनोज धीवर की मौत के बाद ग्रामीणों ने मुआवजे और सड़क सुरक्षा की मांग उठाई। |
हादसे की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंच गए। प्रदर्शन के कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और कुछ समय तक यातायात प्रभावित रहा। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में भारी वाहनों की तेज रफ्तार के कारण सड़क पर दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है।
आरंग में हाइवा हादसे में मनोज धीवर की मौत
जानकारी के मुताबिक, मृतक मनोज धीवर सुबह किसी काम से घर से निकले थे। इसी दौरान तेज रफ्तार हाइवा ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी गंभीर थी कि उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
मौके पर मौजूद किसान नेता परसनाथ साहू ने दैनिक भास्कर को बताया कि मनोज सुबह करीब 6:30 बजे तालाब जा रहे थे, तभी हाइवा चालक की चपेट में आने से उनकी मौत हो गई।
मुआवजे और भारी वाहनों की रफ्तार नियंत्रित करने की मांग
हादसे के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताते हुए मुख्य मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांग है कि मृतक के परिवार को उचित आर्थिक मुआवजा दिया जाए और सड़क पर तेज रफ्तार से चलने वाले भारी वाहनों पर नियंत्रण लगाया जाए।
किसान नेता परसनाथ साहू ने भी मृतक के परिजनों को तत्काल अंतरिम राहत देने की मांग उठाई। उनका कहना है कि परिवार को आर्थिक सहायता मिलनी चाहिए, ताकि इस मुश्किल समय में उन्हें राहत मिल सके।
मौके पर पहुंचे तहसीलदार और पुलिस अधिकारी
चक्काजाम की सूचना मिलने के बाद आरंग तहसीलदार और पुलिस अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। स्थिति को देखते हुए पुलिस बल भी तैनात किया गया। प्रशासनिक अधिकारियों ने ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी मांगों को सुना और उन्हें समझाइश देने का प्रयास किया।
अधिकारियों की ओर से मृतक के परिवार को मुआवजा दिलाने का आश्वासन भी दिया जा रहा है। प्रशासन और ग्रामीणों के बीच बातचीत के बाद चक्काजाम खत्म होने की स्थिति में पहुंच गया।
फिलहाल, ग्रामीणों की मांगों और प्रशासन के आश्वासन के बीच मार्ग पर यातायात बहाल होने की प्रक्रिया जारी थी। इस घटना के बाद क्षेत्र में भारी वाहनों की तेज रफ्तार और सड़क सुरक्षा का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है।
