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| बिलासपुर जिले में 259 पटवारियों की हड़ताल के बीच पांच तहसीलों के SDM ने कारण बताओ नोटिस जारी किया है। |
बिलासपुर में 259 पटवारियों की हड़ताल के कारण राजस्व विभाग से जुड़े कई जरूरी सरकारी काम प्रभावित हो रहे हैं। पिछले 19 दिनों से जारी इस हड़ताल के बीच बिलासपुर, बिल्हा, मस्तूरी, तखतपुर और कोटा के SDM ने पटवारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। अधिकारियों ने उन्हें तत्काल काम पर लौटकर अपना कार्यभार संभालने का निर्देश दिया है।
जारी नोटिस में पटवारियों को उसी दिन तहसीलदार के माध्यम से अपना लिखित जवाब प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है। निर्धारित समय पर मुख्यालय में उपस्थित नहीं होने या जवाब नहीं देने की स्थिति में नियमानुसार एकतरफा कार्रवाई किए जाने की चेतावनी भी दी गई है।
13 अक्टूबर से बिना अनुमति अनुपस्थित
नोटिस के मुताबिक, पटवारी 13 अक्टूबर से सक्षम अधिकारी की अनुमति या स्वीकृत अवकाश के बिना अपने काम से अनुपस्थित हैं। उनकी गैरहाजिरी के कारण समयसीमा में पूरे किए जाने वाले कई सरकारी कार्यों में बाधा आ रही है।
प्रशासन ने इस स्थिति को देखते हुए पटवारियों से तत्काल काम पर लौटने और बिना अनुमति अनुपस्थित रहने के संबंध में अपना पक्ष स्पष्ट करने को कहा है।
कई सरकारी और राजस्व कार्य प्रभावित
पटवारियों की हड़ताल का असर विभिन्न सरकारी योजनाओं और राजस्व संबंधी कामों पर पड़ रहा है। डिजिटल क्रॉप सर्वे, फिजिकल वेरिफिकेशन और एग्रीस्टैक से जुड़े कार्य प्रभावित हुए हैं।
इसके अलावा आगामी धान खरीदी के लिए किसानों के रिकॉर्ड का सत्यापन भी प्रभावित है। आय, जाति और निवास प्रमाणपत्र जारी करने के लिए जरूरी जांच रिपोर्ट तैयार करने में भी देरी हो रही है।
नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन और राजस्व अदालतों में चल रहे मामलों से संबंधित कार्य भी पटवारियों की अनुपस्थिति के कारण प्रभावित बताए गए हैं।
फसल नुकसान के सर्वे में भी हो रही देरी
नोटिस में चक्रवाती तूफान के कारण विभिन्न क्षेत्रों में हुई फसल क्षति का जल्द सर्वे करने और नुकसान का आकलन करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया है।
प्रभावित किसानों को नियमानुसार राहत देने के लिए फसल नुकसान की जानकारी जुटाना और उसका सत्यापन करना जरूरी है। लेकिन पटवारियों की हड़ताल के चलते इन प्रक्रियाओं में भी देरी हो रही है।
वेतन और सेवा संबंधी मामलों पर भी मांगा जवाब
SDM की ओर से जारी नोटिस में पटवारियों से बिना अनुमति अनुपस्थित रहने के दौरान वेतन और सेवा लाभों पर की जाने वाली कार्रवाई को लेकर भी जवाब मांगा गया है।
इसके साथ ही गैरहाजिरी की अवधि को सेवा में व्यवधान यानी 'ब्रेक इन सर्विस' मानने और इस संबंध में संभावित अनुशासनात्मक कार्रवाई को लेकर भी उनका पक्ष जानने के लिए कहा गया है।
अब प्रशासन की ओर से जारी नोटिस के बाद पटवारियों को तत्काल कार्यभार संभालने और निर्धारित प्रक्रिया के तहत अपना लिखित जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन और राजस्व अदालतों में चल रहे मामलों से संबंधित कार्य भी पटवारियों की अनुपस्थिति के कारण प्रभावित बताए गए हैं।
फसल नुकसान के सर्वे में भी हो रही देरी
नोटिस में चक्रवाती तूफान के कारण विभिन्न क्षेत्रों में हुई फसल क्षति का जल्द सर्वे करने और नुकसान का आकलन करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया है।
प्रभावित किसानों को नियमानुसार राहत देने के लिए फसल नुकसान की जानकारी जुटाना और उसका सत्यापन करना जरूरी है। लेकिन पटवारियों की हड़ताल के चलते इन प्रक्रियाओं में भी देरी हो रही है।
वेतन और सेवा संबंधी मामलों पर भी मांगा जवाब
SDM की ओर से जारी नोटिस में पटवारियों से बिना अनुमति अनुपस्थित रहने के दौरान वेतन और सेवा लाभों पर की जाने वाली कार्रवाई को लेकर भी जवाब मांगा गया है।
इसके साथ ही गैरहाजिरी की अवधि को सेवा में व्यवधान यानी 'ब्रेक इन सर्विस' मानने और इस संबंध में संभावित अनुशासनात्मक कार्रवाई को लेकर भी उनका पक्ष जानने के लिए कहा गया है।
अब प्रशासन की ओर से जारी नोटिस के बाद पटवारियों को तत्काल कार्यभार संभालने और निर्धारित प्रक्रिया के तहत अपना लिखित जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
