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| रायपुर में क्रेडिट कार्ड बनवाने के नाम पर 2.20 लाख रुपए की साइबर ठगी का मामला सामने आया। |
पुलिस के मुताबिक, आवेदन के अगले दिन 24 सितंबर की सुबह करीब 10:30 बजे विनोद कुमार को एक व्यक्ति का फोन आया। कॉल करने वाले ने खुद को ICICI बैंक का कर्मचारी बताया और क्रेडिट कार्ड का आवेदन आगे बढ़ाने के लिए पुराने क्रेडिट कार्ड से जुड़ी जानकारी मांगी।
इसके बाद आरोपी ने वीडियो KYC पूरी करने की बात कही और विनोद के WhatsApp पर एक लिंक भेजा। बैंक कर्मचारी समझकर उन्होंने लिंक खोला और उसमें मांगी गई जानकारी दर्ज कर दी।
KYC प्रक्रिया पूरी होने के कुछ ही देर बाद उनके PNB क्रेडिट कार्ड से लगातार तीन ट्रांजेक्शन हुए। तीनों ट्रांजेक्शन के जरिए कुल 2.20 लाख रुपए निकाल लिए गए। मोबाइल पर रकम कटने के मैसेज आने के बाद उन्हें ठगी का पता चला।
इसके बाद विनोद कुमार ने पुरानी बस्ती थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, साइबर ठग सोशल मीडिया पर बैंक और क्रेडिट कार्ड से जुड़े आकर्षक ऑफर दिखाकर लोगों को निशाना बना रहे हैं। आवेदन के बाद ठग बैंक कर्मचारी बनकर संपर्क करते हैं और KYC, कार्ड एक्टिवेशन या क्रेडिट लिमिट बढ़ाने के नाम पर जानकारी हासिल करने की कोशिश करते हैं।
ऐसे मामलों में फर्जी लिंक के जरिए कार्ड से जुड़ी जानकारी हासिल की जा सकती है। इसलिए सोशल मीडिया पर दिखने वाले क्रेडिट कार्ड ऑफर की पुष्टि बैंक की आधिकारिक वेबसाइट या हेल्पलाइन से करने की अपील की गई है।
पुलिस ने लोगों से कहा है कि किसी अनजान लिंक पर क्लिक न करें। कार्ड नंबर, CVV, OTP या अन्य बैंकिंग जानकारी किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा नहीं करनी चाहिए।
क्रेडिट कार्ड से जुड़े किसी ऑफर या लिमिट बढ़ाने के लिए आए फोन में जल्दबाजी करने से भी बचना जरूरी है। यदि कोई व्यक्ति खुद को बैंक प्रतिनिधि बताकर OTP या CVV मांगता है या तुरंत किसी लिंक पर क्लिक करने के लिए कहता है, तो ऐसे अनुरोध को लेकर सावधानी बरतनी चाहिए।
क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने के लिए बैंक के उपलब्ध आधिकारिक माध्यमों से ही प्रक्रिया पूरी करने की सलाह दी गई है। इसके लिए बैंकिंग ऐप या बैंक की वेबसाइट पर उपलब्ध विकल्पों का इस्तेमाल किया जा सकता है और बैंक की ओर से मिलने वाले आधिकारिक जवाब या सूचना का इंतजार किया जा सकता है।
