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| बिलासपुर के सकरी थाना क्षेत्र के चोरी मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। |
मामला उस समय सामने आया जब सागरदीप कॉलोनी निवासी वृंदावती मिश्रा तीज मनाने अपने पैतृक गांव रीवा गई थीं। उनके घर लौटने पर कमरे में रखी अलमारी और लॉकर का ताला टूटा मिला। इसके बाद अलमारी में रखे सोने-चांदी के जेवर और नगदी गायब होने की जानकारी सामने आई और चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई।
पुलिस ने जांच के दौरान महिला के परिचितों और करीबियों से पूछताछ शुरू की। इसी दौरान उनके बेटे आशीष मिश्रा की गतिविधियां संदिग्ध पाई गईं। पुलिस के अनुसार, चोरी के समय आशीष घर पर मौजूद था और जांच में मिले सुरागों के आधार पर उस पर संदेह गहराता गया।
रिपोर्ट दर्ज होने के बाद सकरी पुलिस ने आशीष मिश्रा से पूछताछ की। पुलिस ने उसके दो दोस्तों सिविल लाइन क्षेत्र के 27 खोली निवासी सूरज सिंह ठाकुर उर्फ मोना और उसलापुर निवासी अनुराग चौधरी उर्फ लालू से भी पूछताछ की।
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में सामने आया कि आशीष को घर में रखे जेवर और नगदी की जानकारी थी। पुलिस का कहना है कि उसने अपने दोनों दोस्तों के साथ मिलकर चोरी की योजना बनाई थी। तीनों आरोपियों के पास से चोरी के जेवर और वारदात में इस्तेमाल बुलेट बाइक जब्त की गई।
पुलिस ने तीनों आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। वहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
CSP परमेश्वर तिलकवार के मुताबिक, आरोपी आशीष मिश्रा पुलिस विभाग में आरक्षक था और उसे पिता की जगह अनुकंपा नियुक्ति मिली थी। काम में लापरवाही और नशे की आदत के कारण वह वर्तमान में सस्पेंड है।
पुलिस की शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि चोरी की वारदात नशे के लिए की गई थी। हालांकि, पुलिस अब इस मामले में आरोपियों के पिछले रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है।
पुलिस के अनुसार, तीनों आरोपी स्थानीय स्तर पर अच्छे परिवारों से बताए जा रहे हैं। अब जांच का एक हिस्सा यह पता लगाने पर भी केंद्रित है कि क्या आरोपियों ने इससे पहले किसी अन्य वारदात को अंजाम दिया था।
