![]() |
| भूपेश बघेल ने दुर्ग जिले की मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों की जांच और दोबारा सुधार की मांग की। |
भूपेश बघेल ने मांग की कि मतदाता सूची की दोबारा समीक्षा कर उसे अपडेट किया जाए। इसके साथ ही उन्होंने दावा-आपत्ति दर्ज कराने की समयसीमा बढ़ाने और गड़बड़ियों के लिए जिम्मेदार पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग भी उठाई।
दुर्ग जिले के इन नगरीय निकायों में होने हैं चुनाव
भूपेश बघेल के मुताबिक, इस साल के अंत में दुर्ग जिले के भिलाई नगर निगम, भिलाई-चरोदा नगर निगम और रिसाली नगर निगम में चुनाव प्रस्तावित हैं। इसके अलावा जामुल और अहिवारा नगर निकायों में भी चुनाव होने हैं।
उन्होंने बताया कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण के बाद जिला अध्यक्षों को उपलब्ध कराई गई सूची में कई तरह की कथित विसंगतियां सामने आई हैं। उनका आरोप है कि अलग-अलग नगरीय निकायों में मतदाताओं के वार्ड और बूथ बदलने से चुनावी प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।
बघेल ने यह भी आशंका जताई कि मतदाता सूची में इस तरह के बदलाव का असर चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों के प्रदर्शन पर भी पड़ सकता है।
दावा-आपत्ति की प्रक्रिया पर भी उठाए सवाल
पूर्व मुख्यमंत्री ने मतदाता सूची पर दावा-आपत्ति दर्ज कराने की प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सूची जारी होने के अगले दिन ही पार्टी के जिला अध्यक्षों को इसकी प्रतियां उपलब्ध कराई गईं। उनके अनुसार, दावा-आपत्ति दर्ज कराने की अंतिम तारीख 30 अक्टूबर निर्धारित की गई है।
बघेल का आरोप है कि इस अवधि में कई वार्डों में बूथ लेवल अधिकारी (BLO) मौजूद नहीं थे। इसके कारण मतदाताओं को अपनी शिकायतें दर्ज कराने में परेशानी का सामना करना पड़ा।
उन्होंने यह भी दावा किया कि बीएलओ वार्डों में बैठने के बजाय नगर निगम कार्यालय में मतदाता सूची से संबंधित संशोधन कर रहे थे। भूपेश बघेल ने इस पूरी प्रक्रिया की जांच कराने की जरूरत बताई।
भूपेश बघेल ने रखीं तीन प्रमुख मांगें
प्रेसवार्ता के दौरान भूपेश बघेल ने मतदाता सूची से जुड़ी कथित गड़बड़ियों को दूर करने के लिए तीन प्रमुख मांगें रखीं।
- पहली मांग में उन्होंने कहा कि जिन मतदाताओं के वार्ड और मतदान केंद्र की जानकारी में गलत बदलाव हुआ है, उनकी दोबारा समीक्षा की जाए और मतदाता सूची में जरूरी सुधार किए जाएं।
- दूसरी मांग दावा-आपत्ति की समयसीमा बढ़ाने को लेकर थी। उनका कहना है कि मतदाताओं को अपनी शिकायत और आपत्ति दर्ज कराने के लिए पर्याप्त समय मिलना चाहिए, ताकि किसी को परेशानी न हो।
- तीसरी मांग में उन्होंने मतदाता सूची में गड़बड़ी के लिए जिम्मेदार पाए जाने वाले सरकारी अधिकारियों या अन्य व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कही।
मतदाता सूची में बदलाव को लेकर उठे सवाल
भूपेश बघेल ने कहा कि मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों को दूर करना जरूरी है, ताकि चुनाव के दौरान लोगों को अपने निर्धारित वार्ड और मतदान केंद्र पर वोट डालने में परेशानी न हो।
हालांकि, मतदाता सूची में गड़बड़ी और बीएलओ की कार्यप्रणाली को लेकर लगाए गए ये आरोप फिलहाल पूर्व मुख्यमंत्री के बयान पर आधारित हैं। मतदाताओं के वार्ड और बूथ में बदलाव के कारणों, शिकायतों की स्थिति और पूरी प्रक्रिया को लेकर संबंधित निर्वाचन अधिकारियों का पक्ष सामने आने के बाद ही मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
भूपेश बघेल ने कहा कि मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों को दूर करना जरूरी है, ताकि चुनाव के दौरान लोगों को अपने निर्धारित वार्ड और मतदान केंद्र पर वोट डालने में परेशानी न हो।
हालांकि, मतदाता सूची में गड़बड़ी और बीएलओ की कार्यप्रणाली को लेकर लगाए गए ये आरोप फिलहाल पूर्व मुख्यमंत्री के बयान पर आधारित हैं। मतदाताओं के वार्ड और बूथ में बदलाव के कारणों, शिकायतों की स्थिति और पूरी प्रक्रिया को लेकर संबंधित निर्वाचन अधिकारियों का पक्ष सामने आने के बाद ही मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
