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| दुर्ग में जनवरी से सितंबर 2026 तक यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले 9,216 चालकों पर कार्रवाई की गई। |
कार्रवाई के आंकड़ों में बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाने वाले सबसे ज्यादा रहे। ऐसे 6,920 चालकों पर कार्रवाई की गई, जबकि निर्धारित गति सीमा से तेज वाहन चलाने के मामले में 1,862 चालकों के खिलाफ कार्रवाई हुई। इसके अलावा शराब पीकर वाहन चलाने, प्रेशर हॉर्न इस्तेमाल करने और गाड़ियों में काली फिल्म लगाने वालों पर भी नियमों के तहत कार्रवाई की गई।
दुर्ग में तेज रफ्तार वाहन चालकों पर पुलिस की नजर
यातायात पुलिस इंटरसेप्टर वाहन की मदद से निर्धारित गति सीमा से अधिक रफ्तार में चलने वाले वाहनों पर निगरानी रख रही है। जनवरी से सितंबर 2026 के बीच तेज रफ्तार से वाहन चलाने वाले 1,862 चालकों के खिलाफ कार्रवाई की गई।
तेज रफ्तार में वाहन चलाना सड़क पर दूसरे लोगों की सुरक्षा के लिए भी खतरा बन सकता है। इसी तरह के यातायात नियमों के उल्लंघन को रोकने के लिए पुलिस की ओर से कार्रवाई की जा रही है।
बिना हेलमेट चलने वाले 6,920 चालकों पर कार्रवाई
दुर्ग में यातायात पुलिस की कार्रवाई के दौरान बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाने के मामले सबसे अधिक सामने आए। नौ महीने की अवधि में ऐसे 6,920 चालकों के खिलाफ कार्रवाई की गई।
इसके अलावा शराब पीकर वाहन चलाने वाले 226 चालकों पर कार्रवाई हुई। प्रेशर हॉर्न का इस्तेमाल करने वाले 153 चालकों और वाहनों में काली फिल्म लगाकर चलने वाले 55 लोगों के खिलाफ भी यातायात नियमों के तहत कार्रवाई की गई।
पुलिस ने बताया, जागरूकता बढ़ाना भी अभियान का उद्देश्य
पुलिस प्रवक्ता मणिशंकर चंद्रा ने बताया कि यातायात नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई का उद्देश्य केवल जुर्माना वसूलना नहीं है, बल्कि वाहन चालकों को नियमों के पालन के प्रति जागरूक करना भी है।
उन्होंने तेज रफ्तार, बिना हेलमेट वाहन चलाने और शराब पीकर गाड़ी चलाने को चालक के साथ सड़क पर चलने वाले अन्य लोगों के लिए भी खतरनाक बताया।
जनवरी से सितंबर 2026 तक की कार्रवाई के आंकड़ों के मुताबिक, बिना हेलमेट वाहन चलाने के मामले सबसे अधिक रहे। वहीं, तेज रफ्तार, शराब पीकर वाहन चलाने, प्रेशर हॉर्न और काली फिल्म के इस्तेमाल से जुड़े मामलों में भी पुलिस ने कार्रवाई की।
