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| दुर्ग में सरकारी स्कूलों के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के लिए सुपर 80 निःशुल्क कोचिंग कार्यक्रम की शुरुआत। |
इस पहल की शुरुआत स्वामी आत्मानंद झाडू राम देवांगन शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, दुर्ग में हुई। योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों और कमजोर आर्थिक पृष्ठभूमि से आने वाले प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को अपने ही जिले में बेहतर मार्गदर्शन उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है।
‘सुपर 80’ की परिकल्पना शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव के नेतृत्व में की गई है। इसका उद्देश्य ऐसे विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का अवसर देना है, जिन्हें आर्थिक स्थिति या उचित मार्गदर्शन की कमी के कारण आगे बढ़ने में कठिनाई हो सकती है।
कक्षाओं के पहले दिन चयनित छात्र-छात्राओं में तैयारी को लेकर उत्साह देखने को मिला। विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं के बदलते पैटर्न, समय प्रबंधन, तैयारी की रणनीति और विषयों की बुनियादी अवधारणाओं से परिचित कराया गया।
कार्यक्रम में शिक्षा संभाग दुर्ग के संयुक्त संचालक डॉ. के. वी. राव भी विषय-विशेषज्ञ के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने शिक्षकों और विद्यार्थियों के साथ भौतिकी और गणित जैसे विषयों को आसान और रुचिकर तरीके से समझाने पर जोर दिया।
डॉ. राव ने बताया कि कठिन माने जाने वाले सिद्धांतों को रोजमर्रा की जिंदगी के उदाहरणों और रोचक कहानियों से जोड़ा जा सकता है। उनके अनुसार, जब विद्यार्थी किसी सिद्धांत को अपने आसपास की परिस्थितियों से जोड़कर समझता है, तो विषय को लेकर उसकी जिज्ञासा बढ़ सकती है।
सुपर 80 का फोकस ऐसे प्रतिभाशाली ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को अवसर देना है, जिन्हें सही मंच और मार्गदर्शन की कमी का सामना करना पड़ता था। अब चयनित विद्यार्थी अपने गृह जिले में ही NEET और JEE जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए निःशुल्क तैयारी कर सकेंगे।
योजना के जरिए सरकारी स्कूलों के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करने की दिशा में पहल की गई है। शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव के अनुसार, इसका उद्देश्य प्रतिभाशाली बच्चों को सशक्त बनाना और उन्हें आगे बढ़ने के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है।
