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| दुर्ग में जेल रोड से पुलगांव चौक तक सड़क निर्माण के दौरान बिजली और पानी की आपूर्ति प्रभावित होने की शिकायत। |
राजेश शर्मा के अनुसार, सड़क निर्माण क्षेत्र के आसपास रहने वाले नागरिकों को कई बार पांच से छह घंटे तक बिजली और पानी की परेशानी झेलनी पड़ रही है। इससे रोजमर्रा के काम प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि बुजुर्गों, बच्चों और महिलाओं को इस स्थिति में अधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
निर्माण कार्य के दौरान अलग-अलग विभाग अपने स्तर पर काम कर रहे हैं। कभी पेड़ों की कटाई, कभी पाइपलाइन बिछाने, कभी नाली निर्माण तो कभी ट्रांसफार्मर शिफ्टिंग के लिए बिजली बंद करनी पड़ रही है। इन गतिविधियों के अलग-अलग समय पर होने से स्थानीय लोगों को बार-बार बिजली आपूर्ति बाधित होने की समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय स्तर पर चिंता का एक प्रमुख कारण सड़क निर्माण की गति भी है। लोगों की परेशानी को लेकर उठ रहे सवालों के बीच निर्माण कार्य पूरा होने की समय-सीमा और संबंधित विभागों के बीच तालमेल का मुद्दा सामने आया है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में सड़क निर्माण पूरा होने की निर्धारित तारीख का उल्लेख नहीं है।
राजेश शर्मा ने संबंधित विभागों से मांग की है कि सभी जरूरी कार्यों को बेहतर तालमेल के साथ पूरा किया जाए। उनका कहना है कि जिस समय बिजली आपूर्ति बंद करने यानी शटडाउन की जरूरत हो, उसी दौरान सभी संबंधित विभाग अपने आवश्यक कार्य पूरे कर लें। इससे बार-बार बिजली बंद करने की जरूरत कम हो सकती है और नागरिकों को होने वाली परेशानी से राहत मिल सकती है।
उन्होंने सड़क निर्माण में तेजी लाने पर भी जोर दिया। उनके मुताबिक, ऐसी कार्ययोजना बनाई जानी चाहिए, जिससे विकास कार्य समय पर पूरे हों और बिजली-पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं पर पड़ने वाला असर भी कम किया जा सके।
जेल रोड से पुलगांव चौक तक जारी निर्माण कार्य के बीच अब विभागीय समन्वय और काम पूरा करने की गति अहम मुद्दे बन गए हैं। स्थानीय नागरिकों को राहत देने के लिए संबंधित विभागों के बीच बेहतर तालमेल की जरूरत बताई जा रही है। फिलहाल, उपलब्ध जानकारी में निर्माण कार्य पूरा होने की समय-सीमा या बिजली-पानी की समस्या से राहत मिलने की कोई निश्चित तारीख नहीं बताई गई है।
