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| दुर्ग में 9 अक्टूबर 2026 को दुर्गा पंडाल और गरबा आयोजकों के साथ सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बैठक आयोजित की गई। |
पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने आयोजकों से कहा कि उत्सव शुरू होने से पहले सभी जरूरी इंतजाम पूरे कर लिए जाएं। पंडालों के निर्माण से लेकर बिजली की व्यवस्था, आपातकालीन निकासी और वाहनों की पार्किंग तक, सभी पहलुओं पर निर्धारित सुरक्षा मानकों और लागू नियमों का पालन सुनिश्चित करने को कहा गया।
दुर्गा पंडालों में अग्नि और विद्युत सुरक्षा पर जोर
बैठक में एएसपी सिटी शोभराज अग्रवाल, एएसपी ट्रैफिक कौशलेन्द्र पटेल, सीएसपी भिलाई नगर, एसडीएम भिलाई और संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने निर्देश दिए कि दुर्गा पंडालों का निर्माण सुरक्षा मानकों के अनुरूप किया जाए और अग्नि सुरक्षा तथा विद्युत व्यवस्था की जांच कराई जाए।
आयोजकों को बिजली के तारों, कनेक्शनों और लाइटिंग की व्यवस्था सुरक्षित रखने के निर्देश दिए गए। खुले तार, असुरक्षित विद्युत जोड़ और उपकरणों पर जरूरत से ज्यादा भार जैसी लापरवाही से बचने को कहा गया। इसके साथ ही पंडालों में अग्निशमन यंत्र और जरूरी सुरक्षा उपकरण उपलब्ध रखने के निर्देश भी दिए गए, ताकि आपात स्थिति में समय रहते कार्रवाई की जा सके।
भीड़ नियंत्रण के लिए प्रवेश और निकास की व्यवस्था जरूरी
नवरात्रि के दौरान दुर्गा पंडालों और गरबा स्थलों पर लोगों की आवाजाही को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने भीड़ प्रबंधन पर विशेष जोर दिया। आयोजकों को प्रवेश और निकास के रास्ते अलग-अलग तथा बाधारहित रखने और पर्याप्त संख्या में सुरक्षा स्वयंसेवक तैनात करने को कहा गया।
पुलिस ने आपातकालीन निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। आयोजन स्थलों पर ऐसी व्यवस्था रखने को कहा गया, जिससे भीड़ को नियंत्रित करने में परेशानी न हो और जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके।
पार्किंग और यातायात व्यवस्था पर भी निर्देश
दुर्ग पुलिस ने आयोजन स्थलों के आसपास पर्याप्त पार्किंग की व्यवस्था करने और सड़कों पर अनधिकृत पार्किंग रोकने पर जोर दिया। अधिकारियों ने कहा कि यातायात व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए, जिससे आम लोगों की आवाजाही के साथ आपातकालीन सेवाओं का संचालन भी प्रभावित न हो।
आयोजकों को एंबुलेंस, दमकल वाहनों और पुलिस की गाड़ियों के लिए रास्ता खुला रखने के निर्देश दिए गए। इससे आपात स्थिति में राहत और बचाव कार्यों के लिए जरूरी रास्ते बाधित होने से बचाए जा सकेंगे।
डीजे और ध्वनि विस्तारक यंत्रों के संचालन में नियमों का पालन
दुर्गा उत्सव और गरबा कार्यक्रमों के दौरान डीजे तथा ध्वनि विस्तारक यंत्रों के इस्तेमाल को लेकर भी दिशा-निर्देश दिए गए। पुलिस ने आयोजकों से निर्धारित समय, अनुमेय ध्वनि सीमा और लागू वैधानिक नियमों का पालन करने को कहा।
गरबा स्थलों पर प्रवेश और निकास की निगरानी करने, पर्याप्त सुरक्षा स्वयंसेवक तैनात रखने और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर बनाए रखने के निर्देश भी दिए गए। किसी तरह के विवाद, अव्यवस्था या संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलने पर तत्काल पुलिस को सूचित करने की बात कही गई।
आयोजकों को सौंपी गई सुरक्षा संबंधी SOP
बैठक के दौरान आयोजकों को सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) वितरित की गई। पुलिस ने सभी आवश्यक अनुमतियां प्राप्त करने और संबंधित विभागों के साथ समन्वय बनाकर काम करने के निर्देश दिए। प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।
पुलिस ने आयोजकों से कहा कि आयोजन शुरू होने से पहले अग्नि सुरक्षा, विद्युत व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण, पार्किंग और आपातकालीन सेवाओं से संबंधित इंतजामों की समीक्षा कर लें। सभी जरूरी व्यवस्थाएं समय रहते पूरी करने का निर्देश दिया गया, ताकि उत्सव के दौरान सुरक्षा संबंधी समस्याओं से बचा जा सके।
दुर्ग पुलिस की नागरिकों से अपील
दुर्ग पुलिस ने दुर्गा पंडाल और गरबा आयोजकों से नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने तथा किसी भी तरह की लापरवाही से बचने की अपील की है। आम नागरिकों से भी यातायात नियमों का पालन करने, शांति और व्यवस्था बनाए रखने तथा किसी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस को देने का आग्रह किया गया है।
पुलिस की तैयारियों का उद्देश्य नवरात्रि और दुर्गा उत्सव को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराना है। बैठक में दिए गए निर्देशों के तहत आयोजकों को सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन और यातायात से जुड़े इंतजाम आयोजन शुरू होने से पहले पूरे करने को कहा गया है।
