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| दुर्ग पुलिस ने 20 से 26 अक्टूबर तक चले विशेष अभियान में 201 फरार वारंटियों को गिरफ्तार किया। |
छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में फरार वारंटियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने 20 से 26 अक्टूबर तक विशेष अभियान चलाया। सात दिनों तक चले इस अभियान में जिले के अलग-अलग थाना और चौकी क्षेत्रों से कुल 201 फरार वारंटियों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के बाद सभी को न्यायालय में पेश किया गया।
पुलिस के मुताबिक, यह कार्रवाई न्यायालय से जारी स्थायी वारंट और गिरफ्तारी वारंट की तामीली के लिए की गई। अभियान के दौरान पुलिस की विशेष टीमों ने वारंटियों के ठिकानों की जानकारी जुटाई और लगातार दबिश देकर उन्हें पकड़ा।
दुर्ग थाना क्षेत्र में सबसे ज्यादा गिरफ्तारियां
अभियान के दौरान दुर्ग थाना क्षेत्र से सबसे ज्यादा 28 वारंटियों को गिरफ्तार किया गया। इसके बाद सुपेला थाना क्षेत्र से 22 और नेवई से 20 वारंटियों को पकड़ा गया। वैशाली नगर से 16, पद्मनाभपुर से 15 और छावनी से 14 वारंटियों की गिरफ्तारी हुई।
इसी तरह भिलाई नगर से 11 और उतई से 9 वारंटी गिरफ्तार किए गए। जामुल और नंदिनी नगर से 8-8, खुर्सीपार से 7 तथा भिलाई भट्ठी और महिला थाना क्षेत्र से 6-6 वारंटियों को पकड़ा गया।
जिले के अन्य थाना और चौकी क्षेत्रों से कुल 32 वारंटियों की गिरफ्तारी हुई। इस तरह अलग-अलग क्षेत्रों में की गई कार्रवाई के दौरान गिरफ्तार किए गए वारंटियों की कुल संख्या 201 रही।
सभी थाना और चौकी क्षेत्रों में चली कार्रवाई
विशेष अभियान के तहत जिले के सभी थाना और चौकी प्रभारियों को सक्रियता से कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए थे। इसके बाद पुलिस टीमों ने वारंटियों से जुड़ी जानकारी जुटाई और उनके संभावित ठिकानों पर दबिश दी।
कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य न्यायालय से जारी वारंटों की तामीली करना और लंबे समय से फरार चल रहे वारंटियों को गिरफ्तार करना था। अभियान के दौरान हुई गिरफ्तारियों के बाद सभी संबंधित व्यक्तियों को न्यायालय में पेश किया गया।
फरार वारंटियों के खिलाफ आगे भी जारी रहेगी कार्रवाई
दुर्ग सिटी एएसपी शोभराज अग्रवाल ने बताया कि विशेष अभियान न्यायालय के आदेशों का पालन सुनिश्चित करने और लंबे समय से फरार वारंटियों को पकड़ने के उद्देश्य से चलाया गया था।
उन्होंने कहा कि फरार वारंटियों की तलाश जारी रहेगी और उनके खिलाफ जारी वारंटों पर आगे भी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस के इस बयान के मुताबिक, वारंटियों की गिरफ्तारी के लिए अभियान आगे भी जारी रहेगा।
