दुर्ग में साइबर ठगी का बड़ा खुलासा, 81 बैंक खाते जांच के घेरे में, 7 गिरफ्तार

दुर्ग में साइबर ठगी और ऑनलाइन सट्टेबाजी के मामले में पुलिस कार्रवाई का प्रतिनिधित्व करती तस्वीर
दुर्ग में साइबर ठगी और ऑनलाइन सट्टेबाजी से जुड़े मामले में सात आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस 81 संदिग्ध बैंक खातों की जांच कर रही है।
दुर्ग में साइबर ठगी और ऑनलाइन सट्टेबाजी के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सुपेला और खुर्सीपार थाना पुलिस की इस कार्रवाई में फर्जी और किराए के बैंक खातों के जरिए पैसों का लेनदेन करने का मामला सामने आया है। पुलिस के मुताबिक, इन खातों का इस्तेमाल देशभर में साइबर ठगी से प्राप्त रकम और ऑनलाइन सट्टेबाजी के पैसों के लेनदेन के लिए किया जा रहा था।

इस कार्रवाई के बाद इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों की कुल संख्या 11 हो गई है। सुपेला पुलिस ने दो आरोपियों को पकड़ा, जबकि खुर्सीपार पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपियों के पास से चार स्मार्टफोन, एक बैंक पासबुक और तीन एटीएम कार्ड जब्त किए हैं।

सुपेला में बैंक खातों की खरीद-बिक्री का मामला

सुपेला पुलिस को सूचना मिली थी कि दाऊ बाड़ा तालाब के पास दो युवक फर्जी बैंक खातों का सौदा करने के लिए घूम रहे हैं। इसके बाद पुलिस ने मौके पर कार्रवाई करते हुए नीरज गायकवाड़ और अंशु साव को हिरासत में लिया।

पूछताछ के दौरान सामने आया कि आरोपी कमीशन के लालच में बैंक खातों का लेनदेन करते थे। पुलिस के मुताबिक, वे कम कीमत पर लोगों से आंध्र प्रदेश ग्रामीण बैंक के खाते खरीदते थे और फिर इन्हें ऑनलाइन सट्टेबाजी से जुड़े गिरोह को एक लाख रुपये तक में बेच देते थे।

जांच में नीरज गायकवाड़ की भूमिका भी सामने आई। पुलिस के अनुसार, वह QR कोड के जरिए सट्टेबाजी की रकम को आगे ट्रांसफर करता था। इस काम के बदले उसे सट्टेबाजी गिरोह से हर महीने 25 हजार रुपये मिलते थे।

81 संदिग्ध बैंक खातों की जांच कर रही पुलिस

खुर्सीपार पुलिस ने देश के अलग-अलग राज्यों से जुड़ी साइबर ठगी की रकम के लेनदेन की जांच के दौरान पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, गृह मंत्रालय के राष्ट्रीय समन्वय पोर्टल से मिली जानकारी के आधार पर इंडियन बैंक के 81 संदिग्ध खातों की जांच की जा रही थी।

जांच में सामने आए विवरण के अनुसार, इन खातों में अलग-अलग राज्यों से साइबर ठगी की रकम जमा कराई जा रही थी। इसके बाद खाताधारक और बिचौलिए अपना कमीशन काटकर बची हुई रकम दूसरे संदिग्ध बैंक खातों में ट्रांसफर कर देते थे।

इस मामले में पुलिस ने तरुण कुमार, गौरव साहू, जसमीत, निखिल नेताम और नरगिस बानो को गिरफ्तार किया है। इससे पहले चार अन्य आरोपी भी पकड़े जा चुके थे।

सभी आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेजा गया

पुलिस की कार्रवाई में दोनों थानों से कुल सात आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है। पहले गिरफ्तार किए गए चार आरोपियों को मिलाकर इस मामले में गिरफ्तार लोगों की संख्या 11 हो गई है।

पुलिस के मुताबिक, सभी आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। वहीं, 81 संदिग्ध बैंक खातों से जुड़े लेनदेन की जांच इस मामले का अहम हिस्सा है।

CG Janvani Team

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