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| बीएसपी टाउनशिप में जर्जर और अनुपयोगी भवनों को चरणबद्ध तरीके से हटाने का अभियान शुरू किया गया है। |
प्रबंधन के अनुसार, समय के साथ टाउनशिप के कई भवनों की हालत इतनी खराब हो गई है कि उनका इस्तेमाल सुरक्षित नहीं रह गया है। छतों, दीवारों और भवनों के अन्य हिस्सों के क्षतिग्रस्त होने से आसपास रहने वाले लोगों, राहगीरों और अन्य नागरिकों की सुरक्षा प्रभावित हो सकती है। इसी जोखिम को कम करने के उद्देश्य से आवश्यक भवनों को हटाने की कार्रवाई की जा रही है।
भवनों की स्थिति के आधार पर तय होगी प्राथमिकता
बीएसपी प्रबंधन के मुताबिक, अभियान के दौरान भवनों की मौजूदा स्थिति, उनकी उपयोगिता, उनसे जुड़े संभावित खतरे और आसपास के क्षेत्र पर पड़ने वाले प्रभाव का आकलन किया जा रहा है। इस आकलन के आधार पर ध्वस्तीकरण के लिए भवनों की प्राथमिकता तय की जाएगी।
कार्रवाई में आवश्यक प्रशासनिक और तकनीकी प्रक्रियाओं का पालन किया जाएगा। अभियान को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जा रहा है, ताकि लंबे समय से अनुपयोगी और जोखिमपूर्ण संरचनाओं को हटाकर संभावित दुर्घटनाओं की आशंका कम की जा सके।
फिलहाल, बीएसपी प्रबंधन ने अभियान के तहत ध्वस्त किए जाने वाले भवनों की कुल संख्या या संबंधित स्थानों की विस्तृत सूची सार्वजनिक नहीं की है।
खाली भवनों से सुरक्षा और स्वच्छता संबंधी चिंताएं
टाउनशिप में लंबे समय से खाली पड़े भवनों में अनधिकृत गतिविधियां होने की आशंका भी अभियान का एक प्रमुख पहलू है। ऐसी संरचनाओं में बिना अनुमति प्रवेश होने से सुरक्षा संबंधी समस्याएं पैदा हो सकती हैं। इनके कारण आसपास के क्षेत्र की स्वच्छता और सुव्यवस्था भी प्रभावित होने की आशंका रहती है।
प्रबंधन के अनुसार, जोखिमपूर्ण भवनों को हटाने से अनधिकृत प्रवेश की संभावनाओं को कम करने और आसपास के वातावरण को सुरक्षित बनाए रखने में मदद मिल सकती है। इसके साथ ही क्षतिग्रस्त संरचनाओं के आसपास जमा मलबे और गंदगी से होने वाली परेशानियों को कम करने पर भी ध्यान दिया जाएगा।
इस कार्य के लिए संबंधित विभागों के बीच समन्वय किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर प्रशासनिक और सुरक्षा एजेंसियों का सहयोग भी लिया जाएगा।
नागरिकों से जर्जर भवनों से दूर रहने की अपील
बीएसपी प्रबंधन ने टाउनशिप में रहने वाले नागरिकों से जर्जर और असुरक्षित घोषित भवनों के पास जाने या उनके अंदर प्रवेश करने से बचने की अपील की है। ऐसे भवनों की खराब स्थिति के कारण दुर्घटना का खतरा हो सकता है।
प्रबंधन ने कर्मचारियों, उनके परिवारों और नगरवासियों की सुरक्षा के साथ स्वच्छ एवं सुव्यवस्थित वातावरण बनाए रखने को प्राथमिकता दी है। इसी दिशा में जरूरत के अनुसार जर्जर और अनुपयोगी संरचनाओं को हटाने की कार्रवाई आगे भी जारी रखने की बात कही गई है।
अभियान के तहत किन भवनों को पहले हटाया जाएगा, यह उनकी स्थिति और संभावित खतरे के आकलन के आधार पर तय होगा। भवनों की कुल संख्या और स्थानों की विस्तृत जानकारी फिलहाल उपलब्ध नहीं है।
