दुर्ग में 412 नशीले कैप्सूल का मामला, 3 दोर्षियों को 10 साल की जेल

दुर्ग के सेलूद में 412 कैप्सूल बरामदगी मामले में तीन आरोपियों को सजा सुनाए जाने से संबंधित समाचार चित्र
सेलूद नशीली टैबलेट मामले में विशेष NDPS कोर्ट ने तीन आरोपियों को 10-10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई।
दुर्ग जिले के सेलूद में नशीली टैबलेट की बिक्री से जुड़े मामले में विशेष NDPS कोर्ट ने तीन आरोपियों को 10-10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने प्रत्येक दोषी पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना नहीं भरने पर तीनों को तीन-तीन महीने की अतिरिक्त साधारण जेल काटनी होगी। विशेष न्यायाधीश पीएस मरकाम ने 9 अक्टूबर 2026 को यह फैसला सुनाया। वहीं, रायपुर निवासी मोहम्मद कैश को पर्याप्त सबूत नहीं मिलने पर बरी कर दिया गया।

यह मामला 9 जनवरी 2026 का है, जब उतई पुलिस को सेलूद धान मंडी के पास नशीली टैबलेट बेचने के लिए कुछ युवकों के खड़े होने की सूचना मिली थी। अभियोजन के मुताबिक, सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मौके पर घेराबंदी की और तीन युवकों को पकड़कर उनके पास से कुल 412 कैप्सूल बरामद किए। जब्त कैप्सूल का कुल वजन 263.68 ग्राम बताया गया है।

नीली बाइक के पास पकड़े गए तीन आरोपी

पुलिस की कार्रवाई में त्रिलोकी यादव (27), चेमन विश्वकर्मा (20) और हकीम खान (24) पकड़े गए थे। त्रिलोकी यादव दुर्ग जिले के सेलूद स्थित सतनामी पारा का निवासी है, जबकि चेमन विश्वकर्मा और हकीम खान धमतरी जिले के कुरूद स्थित इंदिरा नगर के रहने वाले हैं।

अभियोजन के अनुसार, तीनों युवक नीले रंग की बाइक के साथ सेलूद धान मंडी के पास मौजूद थे। पुलिस ने तलाशी के दौरान त्रिलोकी यादव के पास से 48 कैप्सूल बरामद किए। वहीं, चेमन विश्वकर्मा और हकीम खान के कब्जे वाली प्लास्टिक की बोरी से 364 कैप्सूल मिले।

इस तरह कुल 412 कैप्सूल जब्त किए गए। पुलिस ने कैप्सूल के अलावा बाइक, मोबाइल फोन और नकदी भी जब्त की थी। जब्त सामान की कुल कीमत 1 लाख 37 हजार 200 रुपये बताई गई थी।

बाइक, मोबाइल फोन और नकदी भी जब्त

पुलिस के मुताबिक, त्रिलोकी यादव के पास से कैप्सूल के साथ रियलमी मोबाइल फोन और अन्य सामान मिला था। वहीं, चेमन विश्वकर्मा और हकीम खान के कब्जे से यामाहा बाइक, रियलमी और वनप्लस मोबाइल फोन तथा नकदी जब्त की गई थी।

जब्त बाइक का रजिस्ट्रेशन नंबर CG05AL4236 बताया गया है। पुलिस ने मामले की जांच के दौरान नशीली दवाओं की बिक्री और उससे जुड़े कथित कारोबार की पड़ताल की। इसी जांच में रायपुर निवासी मोहम्मद कैश का नाम भी सामने आया था।

मोहम्मद कैश को सबूतों के अभाव में राहत

अभियोजन पक्ष ने आरोप लगाया था कि आरोपी नशीली दवाओं के अवैध कारोबार से जुड़े थे और इस गतिविधि के लिए आर्थिक मदद भी दी गई थी। हालांकि, अदालत को मोहम्मद कैश के खिलाफ पर्याप्त सबूत नहीं मिले, जिसके बाद उसे दोषमुक्त कर दिया गया।

तीनों दोषियों के खिलाफ आर्थिक मदद से जुड़े आरोपों में भी अदालत ने संदेह का लाभ दिया। इस तरह मोहम्मद कैश को बरी करने और तीन अन्य आरोपियों को सजा सुनाने के फैसले में अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अलग-अलग निर्णय दिया।

तीनों दोषियों को 10-10 साल का कठोर कारावास

विशेष NDPS कोर्ट ने त्रिलोकी यादव, चेमन विश्वकर्मा और हकीम खान को NDPS एक्ट की धारा 22(C) के साथ धारा 29 के तहत दोषी ठहराया। अदालत ने तीनों को 10-10 साल के कठोर कारावास और एक-एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।

जुर्माना अदा नहीं करने की स्थिति में प्रत्येक दोषी को तीन महीने की अतिरिक्त साधारण जेल काटनी होगी। इसके अलावा, अदालत ने जब्त नशीली दवाओं के निपटारे, नकदी और मोबाइल फोन को राजसात करने तथा बाइक के अधिहरण के संबंध में भी आदेश दिए हैं।

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