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| स्कूली बच्चों के लिए सुविधाओं की कमी के आरोपों पर कांग्रेस ने जिला शिक्षा अधिकारी से जांच की मांग की। |
कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि बच्चों को सुबह से ही तेज धूप में कार्यक्रम स्थल पर बैठाकर रखा गया, जबकि उनके लिए जरूरी सुविधाओं का पर्याप्त इंतजाम नहीं था। शहर कांग्रेस अध्यक्ष धीरज बाकलीवाल ने बच्चों को बुलाने के संबंध में उच्च स्तर से मौखिक आदेश मिलने के कथित बयान पर सवाल उठाए और पूरे मामले में जवाबदेही तय करने की मांग की।
मौखिक आदेश देने वाले अधिकारी की पहचान की मांग
कांग्रेस ने सवाल उठाया कि यदि स्कूली बच्चों को कार्यक्रम में शामिल करने के निर्देश दिए गए थे, तो यह आदेश किस अधिकारी ने दिया था। पार्टी नेताओं ने यह भी जानना चाहा कि बच्चों को घंटों कार्यक्रम स्थल पर रखने का निर्णय किस स्तर पर लिया गया और उनके भोजन, पेयजल तथा धूप से बचाव की जिम्मेदारी किस अधिकारी को सौंपी गई थी।
कांग्रेस ने सरकारी और निजी स्कूलों के प्रबंधन पर बच्चों को कार्यक्रम में भेजने के लिए कथित प्रशासनिक दबाव बनाए जाने के आरोपों की भी जांच करने की मांग की है। पार्टी का कहना है कि जांच में यह स्पष्ट होना चाहिए कि बच्चों को बुलाने का फैसला किसने लिया और कार्यक्रम स्थल पर जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी किसकी थी।
कांग्रेस ने रखीं पांच प्रमुख मांगें
कांग्रेस नेताओं ने मामले की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच कराने की मांग की है। पार्टी चाहती है कि बच्चों को बुलाने के कथित मौखिक निर्देश देने वाले अधिकारी की पहचान की जाए और आदेश की वैधता की जांच हो।
इसके अलावा, प्रत्येक स्कूल से कार्यक्रम में बुलाए गए बच्चों की उम्र और उपस्थिति का विवरण जुटाने की मांग की गई है। कांग्रेस ने स्कूल प्रबंधन पर कथित दबाव बनाए जाने के आरोपों की पड़ताल करने और पेयजल, भोजन व छाया की व्यवस्था में हुई संभावित लापरवाही के लिए जिम्मेदारी तय करने को कहा है।
पार्टी ने बच्चों के स्वास्थ्य, सुरक्षा और पढ़ाई पर पड़ने वाले संभावित असर का आकलन करने की मांग भी उठाई है। कांग्रेस के अनुसार, जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट सार्वजनिक की जानी चाहिए, ताकि मामले से जुड़े तथ्यों और जिम्मेदारियों की स्थिति स्पष्ट हो सके।
बच्चों की सुरक्षा और जवाबदेही पर उठाए सवाल
शहर कांग्रेस अध्यक्ष धीरज बाकलीवाल ने मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि बच्चों की सुरक्षा और उनकी बुनियादी सुविधाओं को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। कांग्रेस ने मांग की है कि बच्चों को कथित मौखिक आदेश के आधार पर बुलाने और कार्यक्रम स्थल पर व्यवस्थाओं की कमी से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कराई जाए।
पार्टी ने मामले में जिम्मेदार पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में प्रशासन की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया या जांच के निष्कर्ष का विवरण नहीं दिया गया है।
इस दौरान रायसिंह ढिकोला, प्रेमलता साहू, गुरदीप भाटिया, आनंद कपूर ताम्रकार, दुष्यंत देवांगन, हेमा साहू, शिशिर कसार, चंद्रमोहन गभने, दीपक जैन, मनीष सोनवाने, चैतन्य बंछोर, हिमांशु शर्मा, अंश चतुर्वेदी, मोहित वाल्दे और आयुष विश्वकर्मा मौजूद थे।
