![]() |
| बिलासपुर में 27.57 लाख रुपये के गांजा तस्करी मामले में GRP ने महिला आरोपी अनुपमा मोहंती को गिरफ्तार किया। |
बिलासपुर में 27.57 लाख रुपये के गांजा तस्करी मामले में फरार चल रही महिला आरोपी अनुपमा मोहंती (45) को रेलवे पुलिस (GRP) ने बुधवार को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसे बिलासपुर सेंट्रल जेल के बाहर उस समय पकड़ा, जब वह इस मामले में पहले से जेल में बंद चार आरोपियों से संपर्क करने पहुंची थी। GRP के मुताबिक, महिला पर आरोपियों को धमकाने का भी आरोप है।
पुलिस के अनुसार, इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ के दौरान अनुपमा मोहंती का नाम कथित तौर पर गांजा तस्करी नेटवर्क की मुख्य संचालक के रूप में बताया था। इसके बाद से GRP उसकी तलाश कर रही थी। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उसे रिमांड पर जेल भेज दिया है और अब उसकी संपत्ति तथा आर्थिक गतिविधियों की जांच की जा रही है।
तीन महीने से मुख्य आरोपी की तलाश में थी GRP
GRP के उप निरीक्षक विश्वनाथ चक्रवर्ती के मुताबिक, ट्रेनों के जरिए संचालित गांजा तस्करी नेटवर्क का खुलासा करने के लिए उसके मुख्य संचालक तक पहुंचना जरूरी था। इसी उद्देश्य से पुलिस पिछले तीन महीने से जांच कर रही थी।
इसी दौरान GRP को सूचना मिली कि ओडिशा के संबलपुर स्थित धुतरापारा निवासी अनुपमा मोहंती बिलासपुर आई है और जेल में बंद आरोपियों से संपर्क करने वाली है। सूचना के आधार पर पुलिस ने सेंट्रल जेल के बाहर घेराबंदी की और उसे गिरफ्तार कर लिया।
11 जुलाई को 55 किलो से ज्यादा गांजा बरामद
इस मामले में GRP ने 11 जुलाई को रेलवे प्लेटफॉर्म पर कार्रवाई करते हुए पंकजनी बेहरा, रीना पटनायक, आयुष कुशवाहा और एक नाबालिग को पकड़ा था। पुलिस के मुताबिक, उनके कब्जे से 55 किलो 150 ग्राम गांजा बरामद किया गया था। जब्त गांजे की अनुमानित कीमत 27.57 लाख रुपये बताई गई थी।
पूछताछ के दौरान पकड़े गए आरोपियों ने कथित तस्करी नेटवर्क के संबंध में अनुपमा मोहंती का नाम बताया था। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच का दायरा बढ़ाते हुए नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की पड़ताल शुरू की।
सप्लायर की पूछताछ में भी सामने आया अनुपमा का नाम
GRP ने 14 जुलाई को गांजा सप्लायर निहार रंजन पटनायक (41), निवासी संबलपुर, को गिरफ्तार किया था। पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान उसने भी अनुपमा मोहंती के बारे में जानकारी दी थी।
पुलिस के मुताबिक, सप्लायर के बयान में आरोप लगाया गया कि अनुपमा युवाओं को कमीशन देकर ओडिशा, छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश और अन्य राज्यों में गांजा तस्करी कराती थी। इस जानकारी के आधार पर GRP ने कथित नेटवर्क की गतिविधियों और उससे जुड़े लोगों की भूमिका की जांच आगे बढ़ाई।
पति के जेल जाने के बाद कारोबार संभालने का आरोप
रेलवे पुलिस के अनुसार, अनुपमा मोहंती का पति सुधांशु मोहंती पिछले दो साल से गांजा तस्करी से जुड़े एक मामले में संबलपुर जेल में बंद है। पुलिस की जांच में यह बात सामने आई है कि पति के जेल जाने के बाद अनुपमा ने कथित तौर पर उसके कारोबार की जिम्मेदारी संभाल ली थी।
हालांकि, इस मामले में अनुपमा की भूमिका से जुड़े आरोपों की जांच पुलिस कर रही है। उसकी गिरफ्तारी के बाद अब जांच का एक प्रमुख पहलू कथित नेटवर्क के संचालन और उससे जुड़ी आर्थिक गतिविधियों का पता लगाना है।
संपत्ति और आर्थिक गतिविधियों की जांच शुरू
अनुपमा मोहंती की गिरफ्तारी के बाद GRP उसकी संपत्ति और आर्थिक लेनदेन की पड़ताल कर रही है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, यदि जांच में तस्करी से अर्जित संपत्ति का पता चलता है, तो उसे जब्त करने और राजसात करने की कार्रवाई की जा सकती है।
पुलिस ने बताया कि NDPS एक्ट में मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े अपराधों के लिए सजा के साथ अवैध तरीके से अर्जित संपत्ति पर कार्रवाई का भी प्रावधान है। फिलहाल, पुलिस कथित तस्करी नेटवर्क से जुड़े तथ्यों और आर्थिक गतिविधियों की जांच कर रही है।
