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| आरपीएफ दुर्ग ने रेल संपत्ति चोरी के दो पुराने मामलों में वारंट के आधार पर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। |
आरपीएफ दुर्ग ने रेल संपत्ति चोरी के पांच साल पुराने दो मामलों में कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों के खिलाफ विशेष रेलवे न्यायालय रायपुर से अस्थायी गिरफ्तारी वारंट जारी किए गए थे। 26 अक्टूबर 2026 को मुखबिर से मिली जानकारी के आधार पर टीम ने आरोपियों को उनके गांव से गिरफ्तार किया और न्यायालय में पेश किया।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान केवल सिंह हलवा (44), पिता पुनीत राम हलवा, और नरेन्द्र उर्फ कन्नू बन गोस्वामी (36), पिता जोईधा बन गोस्वामी के रूप में हुई है। दोनों आरोपी बालोद जिले के दल्लीराजहरा के निवासी हैं। उनके खिलाफ आरपीएफ पोस्ट दुर्ग में वर्ष 2021 में रेल संपत्ति चोरी से संबंधित अलग-अलग मामले दर्ज किए गए थे।
दोनों मामलों में जारी हुए थे गिरफ्तारी वारंट
पहले मामले में केवल सिंह हलवा के खिलाफ आरपीएफ पोस्ट दुर्ग में अपराध क्रमांक 04/2021 दर्ज है। इस मामले का न्यायालय प्रकरण क्रमांक 9406/2021 है।
दूसरे मामले में नरेन्द्र उर्फ कन्नू बन गोस्वामी के खिलाफ अपराध क्रमांक 06/2021 दर्ज है। इस प्रकरण का न्यायालय क्रमांक 9407/2021 है। दोनों मामले रेल संपत्ति चोरी से संबंधित हैं।
विशेष रेलवे न्यायालय रायपुर ने 28 सितंबर 2026 को दोनों आरोपियों के खिलाफ अस्थायी गिरफ्तारी वारंट जारी किए थे। इन वारंट की तामील के लिए आरपीएफ दुर्ग ने कार्रवाई की।
मुखबिर की सूचना पर गांव में तलाश
वारंट की तामील के लिए दुर्ग आरपीएफ पोस्ट प्रभारी के निर्देशन में एक टीम गठित की गई थी। इसमें सहायक उप निरीक्षक निरंजन, आरक्षक एचआर सैनी और आरक्षक एसआर मीना शामिल थे।
टीम ने मुखबिर से मिली जानकारी के आधार पर आरोपियों के गांव में तलाश की। दोनों को गिरफ्तार करने के बाद विशेष रेलवे न्यायालय रायपुर में पेश किया गया।
एक साल में वारंट के आधार पर 32 गिरफ्तारियां
आरपीएफ दुर्ग के अनुसार, पुराने मामलों में न्यायालय से जारी वारंट की तामील के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। विभाग के मुताबिक, पिछले एक साल में वारंट के आधार पर कुल 32 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
आरपीएफ के अनुसार, अधिकारियों के मार्गदर्शन में वारंट की तामील के लिए यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।
