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| दुर्ग फाइनेंस फ्रॉड मामले में पद्मनाभपुर पुलिस ने दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। |
नई गिरफ्तारी के बाद इस मामले में पकड़े गए आरोपियों की संख्या पांच हो गई है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में भिलाई के स्मृति नगर निवासी मिहिर रंजन रॉय (25) और दुर्ग के केलाबाड़ी निवासी शेखर देशमुख (27) शामिल हैं। दोनों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
इससे पहले पुलिस मुख्य आरोपी बताए जा रहे ऋषभ शर्मा, दीपेश जोशी और दुर्गेश गुप्ता को गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस अब नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
पुलिस के मुताबिक, कथित नेटवर्क में शामिल लोग दूसरे लोगों के नाम और दस्तावेजों का इस्तेमाल करके इलेक्ट्रॉनिक सामान फाइनेंस कराते थे। आरोप है कि फाइनेंस होने के बाद सामान संबंधित व्यक्ति को देने के बजाय उसे सेकंड हैंड बाजार में बेच दिया जाता था।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि फाइनेंस की किस्तें नहीं भरने पर उस व्यक्ति पर EMI जमा करने का दबाव आता था, जिसके नाम पर सामान फाइनेंस कराया गया था। इस तरह संबंधित व्यक्ति को सामान नहीं मिलने के बावजूद किस्त चुकाने की जिम्मेदारी का सामना करना पड़ता था।
जांच के अनुसार, मुख्य आरोपी ऋषभ शर्मा युवाओं को कम EMI, ज्यादा कमाई और सिबिल स्कोर सुधारने का लालच देता था। इसके बाद उनके आधार और पैन कार्ड का इस्तेमाल कर इलेक्ट्रॉनिक सामान फाइनेंस कराने का आरोप है।
पुलिस का कहना है कि सामान फाइनेंस होने के बाद ऋषभ उसे अपने पास रख लेता था और बाद में बाजार में बेच देता था। जांच में यह भी आरोप सामने आया कि शुरुआत में कुछ EMI भरकर लोगों का भरोसा हासिल किया जाता था।
ऋषभ शर्मा (26) ने 24 जुलाई 2026 को कोर्ट में आत्मसमर्पण किया था। इसके बाद पद्मनाभपुर पुलिस ने उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ की। पूछताछ के दौरान पुलिस ने बैंक पासबुक, चेकबुक, कई बैंक खातों से जुड़े दस्तावेज और मोबाइल खरीद से संबंधित बिल जब्त किए थे।
पुलिस अलग-अलग बैंक खातों में हुए लेनदेन की जानकारी भी जुटा रही है। इसके लिए संबंधित बैंकों को खातों और लेनदेन से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराने के लिए नोटिस दिए गए हैं।
पुलिस जांच के दौरान ऋषभ से जुड़े कथित फाइनेंस फ्रॉड में करीब 25 से 30 FIR और 100 से अधिक आवेदन मिलने की जानकारी सामने आई थी। इसके अलावा नेटवर्क से जुड़े अनिरुद्ध कुमार के फरार होने और दीपेश जोशी के खिलाफ कार्रवाई की जानकारी भी सामने आई है।
नई कार्रवाई में पुलिस ने मिहिर रंजन रॉय और शेखर देशमुख से सैमसंग मोबाइल और बैंक खाते की पासबुक जब्त की है। पुलिस के अनुसार, मामले से जुड़े दस्तावेज और अन्य वैधानिक साक्ष्य भी जुटाए गए हैं।
फिलहाल जांच का फोकस फाइनेंस कराए गए इलेक्ट्रॉनिक सामान, उन्हें सेकंड हैंड बाजार में बेचने और इससे जुड़े आर्थिक लेनदेन की कड़ियों पर है। पुलिस के मुताबिक, जांच के दौरान अन्य लोगों की भूमिका सामने आने पर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। मामले की जांच जारी है।
