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| केंद्रीय जेल दुर्ग में संयुक्त टीम ने सभी बैरकों और जेल परिसर के विभिन्न हिस्सों की तलाशी ली। |
तलाशी के दौरान जेल की सभी बैरकों की जांच की गई। इस दौरान दो मोबाइल फोन, एक सिम कार्ड, बीड़ी, चिलम और अन्य आपत्तिजनक सामान बरामद हुआ। बरामद सामग्री का पंचनामा तैयार कर पदमनाभपुर थाने को सौंप दिया गया है।
औचक कार्रवाई के लिए जिला प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम बनाई गई थी। टीम ने जेल परिसर को घेरे में लेकर अलग-अलग हिस्सों में एक साथ तलाशी ली। बैरकों के अलावा उन स्थानों की भी जांच की गई, जहां प्रतिबंधित सामान छिपाए जाने की आशंका थी।
कलेक्टर अभिजीत सिंह ने बताया कि तलाशी के दौरान दो मोबाइल, एक सिम कार्ड, बीड़ी और चिलम मिली है। बरामद सामान का पंचनामा बनाकर पदमनाभपुर थाने को सौंप दिया गया है।
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| केंद्रीय जेल दुर्ग में संयुक्त टीम ने सभी बैरकों और जेल परिसर के विभिन्न हिस्सों की तलाशी ली। |
अब बरामद मोबाइल फोन और सिम कार्ड की आगे तकनीकी जांच की जाएगी। जांच में यह पता लगाने की कोशिश होगी कि मोबाइल का इस्तेमाल कौन कर रहा था, सिम कार्ड किसके नाम पर जारी हुआ था और मोबाइल से किन-किन नंबरों पर बातचीत की गई थी।
जेल के अंदर बंदियों के लिए मोबाइल फोन का इस्तेमाल प्रतिबंधित है। ऐसे में जांच का एक अहम हिस्सा यह भी होगा कि मोबाइल फोन और सिम कार्ड जेल परिसर के अंदर कैसे पहुंचे। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, तकनीकी जांच से सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
औचक निरीक्षण के बाद कलेक्टर ने जेल प्रशासन को सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत करने के निर्देश दिए। उन्होंने बाहर से किसी भी प्रतिबंधित सामान के जेल के अंदर पहुंचने की स्थिति रोकने के लिए जांच व्यवस्था मजबूत रखने और सुरक्षा में लापरवाही नहीं बरतने को कहा।
निरीक्षण के दौरान जेल की बुनियादी सुविधाओं की भी जानकारी ली गई। कलेक्टर के मुताबिक जेल में बुनियादी सुविधाएं पर्याप्त हैं। जेल कर्मचारियों के लिए नए क्वार्टर बनकर तैयार हो चुके हैं और उनका आवंटन जल्द शुरू किया जाएगा।
अब पदमनाभपुर थाने को सौंपे गए बरामद सामान के आधार पर आगे की जांच होगी। मोबाइल फोन और सिम कार्ड की तकनीकी जांच से संपर्क और इस्तेमाल से जुड़ी जानकारी सामने आने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
जेल के अंदर बंदियों के लिए मोबाइल फोन का इस्तेमाल प्रतिबंधित है। ऐसे में जांच का एक अहम हिस्सा यह भी होगा कि मोबाइल फोन और सिम कार्ड जेल परिसर के अंदर कैसे पहुंचे। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, तकनीकी जांच से सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
औचक निरीक्षण के बाद कलेक्टर ने जेल प्रशासन को सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत करने के निर्देश दिए। उन्होंने बाहर से किसी भी प्रतिबंधित सामान के जेल के अंदर पहुंचने की स्थिति रोकने के लिए जांच व्यवस्था मजबूत रखने और सुरक्षा में लापरवाही नहीं बरतने को कहा।
निरीक्षण के दौरान जेल की बुनियादी सुविधाओं की भी जानकारी ली गई। कलेक्टर के मुताबिक जेल में बुनियादी सुविधाएं पर्याप्त हैं। जेल कर्मचारियों के लिए नए क्वार्टर बनकर तैयार हो चुके हैं और उनका आवंटन जल्द शुरू किया जाएगा।
अब पदमनाभपुर थाने को सौंपे गए बरामद सामान के आधार पर आगे की जांच होगी। मोबाइल फोन और सिम कार्ड की तकनीकी जांच से संपर्क और इस्तेमाल से जुड़ी जानकारी सामने आने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

