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| अंबिकापुर छात्रा की मौत के मामले में पुलिस ने जांच शुरू की। |
मृतका अंबिकापुर के पीजी कॉलेज की छात्रा थी और करीब छह महीने से अपने जीजा के घर रह रही थी। परिजनों के मुताबिक, घटना से पहले वह सामान्य बातचीत कर रही थी।
जीजा नीलेश कुमार गुप्ता के अनुसार, रात में जब अंतरा अपने बिस्तर पर नहीं मिली और काफी देर तक बाथरूम से बाहर नहीं आई, तब उन्होंने अपनी पत्नी को देखने के लिए भेजा। इसके बाद घटना की जानकारी सामने आई।
घटना के बाद छात्रा के परिजनों और उसकी सहेलियों की ओर से गंभीर आरोप लगाए गए हैं। परिजनों का कहना है कि उन्हें सहेलियों से जानकारी मिली कि ज्ञान तिवारी के मोबाइल में छात्रा से जुड़ी कुछ चैट या वीडियो मौजूद थे और उन्हें परिवार के सामने दिखाने या सार्वजनिक करने की धमकी देकर कथित तौर पर उसे परेशान किया जा रहा था।
परिजनों ने दावा किया है कि इसी कथित ब्लैकमेलिंग से परेशान होकर छात्रा ने यह कदम उठाया। हालांकि, ब्लैकमेलिंग से जुड़े इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी उपलब्ध जानकारी में नहीं है।
मामले की जानकारी मिलने के बाद पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव ने दुख जताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने पूरे मामले की जांच निष्पक्ष तरीके से किए जाने की बात कही।
गांधीनगर थाना पुलिस ने मामले में कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा है और छात्रा के मोबाइल, चैट तथा ब्लैकमेलिंग से जुड़े आरोपों समेत अन्य संभावित पहलुओं की जांच की जा रही है।
फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह स्पष्ट नहीं है कि छात्रा की मौत के पीछे कथित ब्लैकमेलिंग की क्या भूमिका थी। पुलिस जांच में सामने आने वाले तथ्यों के बाद ही मामले की स्थिति और आरोपों की वास्तविकता स्पष्ट हो सकेगी।
