92 लाख का कीटनाशक माल, 65.68 लाख बकाया का दावा; दुर्ग में 3 पर FIR

दुर्ग में विक्रांत एग्रोकेम इंडस्ट्रीज से जुड़े कथित धोखाधड़ी मामले में FIR
दुर्ग में कथित 65.68 लाख रुपए की धोखाधड़ी के मामले में तीन लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है।
दुर्ग में 65 लाख 68 हजार 423 रुपए की कथित धोखाधड़ी के मामले में नेवई थाने में FIR दर्ज की गई है। मामले में आगरा की विक्रांत एग्रोकेम इंडस्ट्रीज इंडिया प्राइवेट लिमिटेड की संचालक मिथलेश शर्मा, उनके पति रामानुज शर्मा और जोनल मैनेजर विष्णु प्रसाद धीवर के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई है। शिकायत रिसाली निवासी राजेन्द्र सिंह ने की है।

शिकायत के मुताबिक, राजेन्द्र सिंह के बेटे हिमांशु सिंह की फर्म पिनाका एसोसिएट्स को 1 जुलाई 2020 को दुर्ग और रायपुर संभाग में कीटनाशक बेचने के लिए कंपनी का डिस्ट्रीब्यूटर बनाया गया था। दोनों पक्षों के बीच हुए समझौते के तहत कंपनी को गोदाम के लिए हर महीने 20 हजार रुपए किराया और बिक्री पर कमीशन देना था।

शिकायतकर्ता के अनुसार, फर्म ने कंपनी को 10 लाख रुपए अग्रिम दिए थे। इसके बाद जुलाई से दिसंबर 2020 के बीच कंपनी ने करीब 92 लाख 18 हजार 515 रुपए का माल फर्म को दिया। इसी अवधि में करीब 63 लाख 26 हजार 506 रुपए के माल की बिक्री होने का दावा किया गया है।

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि कंपनी के अधिकृत व्यक्ति रामानुज शर्मा के निर्देश पर जोनल मैनेजर विष्णु प्रसाद धीवर को 33 लाख रुपए का माल दिया गया। इसके अलावा टिकेश ट्रेडर को 4 लाख 98 हजार रुपए, कंपनी के सेल्स मैनेजर भरत लाल को 5 लाख 35 हजार रुपए और महासमुंद की सद्गुरु ट्रेडिंग को 8 लाख 51 हजार 604 रुपए का माल दिए जाने की बात कही गई है।

समझौते के अनुसार, जो माल नहीं बिकता था, उसे कंपनी को वापस लेकर उसके बदले नया माल देना था। राजेन्द्र सिंह का आरोप है कि कंपनी ने इस व्यवस्था के तहत माल वापस नहीं लिया। शिकायत में इससे करीब 28 लाख 92 हजार रुपए के नुकसान का दावा किया गया है।

शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया है कि जुलाई 2020 से जुलाई 2023 तक का करीब 11 लाख 52 हजार रुपए गोदाम किराया और 3 लाख 16 हजार 325 रुपए कमीशन का भुगतान नहीं किया गया।

इसके अलावा कंपनी के बिलों में दर्ज क्रमांक बंद होने का भी आरोप लगाया गया है। शिकायत के मुताबिक, इसके कारण फर्म को कर संबंधी लाभ नहीं मिल सका और करीब 5 लाख रुपए का अतिरिक्त नुकसान हुआ।

शिकायत में बताया गया है कि जुलाई 2020 से जनवरी 2021 के बीच कंपनी ने अलग-अलग बैंक खातों से करीब 64 लाख 90 हजार रुपए का भुगतान किया। शिकायतकर्ता के अनुसार, माल, गोदाम किराया, कमीशन और अन्य लेन-देन का हिसाब करने के बाद भी 65 लाख 68 हजार 423 रुपए बकाया होने का दावा किया गया।

19 जून 2025 को रामानुज शर्मा ने फोन कर गोदाम में रखे कंपनी के माल को भेजने के लिए कहा था। शिकायतकर्ता के मुताबिक, भुगतान का भरोसा मिलने के बाद करीब 35 लाख 51 हजार रुपए के माल का विवरण भेजा गया, लेकिन इसके बाद भी भुगतान नहीं किया गया।

राजेन्द्र सिंह ने आरोप लगाया कि बकाया रकम मांगने पर उन्हें झूठे मामले में फंसाने की धमकी दी गई। उन्होंने पुलिस से पूरे मामले की जांच कर कार्रवाई की मांग की है।

मामले में लगाए गए धोखाधड़ी समेत अन्य आरोप शिकायत के आधार पर दर्ज किए गए हैं। इन आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही होगी।

CG Janvani Team

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