![]() |
| उतई आंदोलन मामले में राकेश ठाकुर समेत 9 कांग्रेस नेताओं को नियमित जमानत मिली। |
गुरुवार को पुलिस ने मामले में दुर्ग न्यायालय में चालान पेश किया। इसके बाद राकेश ठाकुर समेत सभी 9 आरोपी न्यायालय में उपस्थित हुए। प्रकरण की सुनवाई न्यायाधीश ईशान व्यास की अदालत में हुई, जहां कांग्रेस नेताओं की ओर से अधिवक्ताओं ने नियमित जमानत के लिए पैरवी की। न्यायालय ने सभी 9 नेताओं को जमानत का लाभ दिया।
मामला अप्रैल 2026 में उतई के मिनी माता चौक पर हुए विरोध प्रदर्शन से जुड़ा है। यह प्रदर्शन क्षेत्र में एक बच्ची से हुई गंभीर आपराधिक घटना के विरोध और कानून-व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर किया गया था। प्रदर्शन के दौरान प्रदेश के गृहमंत्री विजय शर्मा का पुतला दहन किया गया था।
पुतला दहन के दौरान पुलिस द्वारा उसे बुझाने और कब्जे में लेने के प्रयास के बीच प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच खींचतान हुई। इसी दौरान आरक्षक गिरधर मंडावी का हाथ आग की चपेट में आने से झुलस गया था। इसके बाद उतई थाना पुलिस ने मामला दर्ज किया था।
पुलिस ने शुरुआत में अज्ञात प्रदर्शनकारियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया था। जांच आगे बढ़ने के बाद राकेश ठाकुर समेत 9 कांग्रेस नेताओं को आरोपी बनाया गया। मई 2026 में उनकी गिरफ्तारी हुई थी, जिसके बाद उन्हें मुचलके पर रिहा किया गया था।
![]() |
| उतई आंदोलन मामले में राकेश ठाकुर समेत 9 कांग्रेस नेताओं को नियमित जमानत मिली। |
इस मामले में जिला ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष राकेश ठाकुर, उतई नगर अध्यक्ष प्रहलाद वर्मा, नगर पंचायत उतई के नेता प्रतिपक्ष द्वारिका साहू, पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष डिकेंद्र हिरवानी, गुलशन शर्मा, जिला सचिव लोचन यादव, मंडल अध्यक्ष धर्मेंद्र बंजारे, सत्यप्रकाश कौशिक और दिवाकर गायकवाड़ आरोपी बनाए गए हैं।
न्यायालय में कांग्रेस नेताओं की ओर से अधिवक्ता प्रीतम देशमुख, घनश्याम साहू, सौरभ ताम्रकार, दलेश्वर बंजारे और जय डहरिया ने पैरवी की। सुनवाई के बाद अदालत ने सभी 9 आरोपियों को नियमित जमानत दे दी।
न्यायालय परिसर में पेशी के दौरान कांग्रेस के जिला और ब्लॉक स्तर के पदाधिकारी, मंडल अध्यक्ष, जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता मौजूद रहे। जमानत मिलने के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने न्यायालयीन प्रक्रिया के प्रति विश्वास जताया।
पेशी के बाद राकेश ठाकुर ने कहा कि आंदोलन का उद्देश्य बच्ची के लिए न्याय और क्षेत्र में कानून-व्यवस्था से जुड़े सवालों को उठाना था। उन्होंने क्षेत्र में कथित अवैध शराब कारोबार को लेकर नागरिकों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं की ओर से पुलिस-प्रशासन को शिकायतें दिए जाने का दावा भी किया।
ठाकुर ने कहा कि पुतला दहन कार्यक्रम की जानकारी पुलिस प्रशासन को पहले से थी और मौके पर पुलिस बल मौजूद था। उनके मुताबिक, पुतला बुझाने और उसे कब्जे में लेने के प्रयास के दौरान हुई खींचतान में आरक्षक के झुलसने की घटना हुई, जिसका उन्हें खेद है। उन्होंने न्यायालय की प्रक्रिया का सम्मान करने की बात कही।
ठाकुर ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं राष्ट्रीय महासचिव भूपेश बघेल से जुड़े सोशल मीडिया मामलों में कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठाए और कानून के समक्ष समान व्यवहार की मांग की। ये बातें राकेश ठाकुर के बयान के रूप में सामने आई हैं।
इस बीच, जिस मूल घटना के विरोध में कांग्रेस ने प्रदर्शन किया था, उस मामले में विशेष पॉक्सो न्यायालय, दुर्ग ने आरोपी धनेश्वर साहू उर्फ जनता को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास सहित अलग-अलग सजाएं सुनाई हैं। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार अदालत ने 25 सितंबर 2026 को दोषसिद्धि और 26 सितंबर को सजा संबंधी आदेश पारित किया।
इस तरह उतई आंदोलन से जुड़ा मामला अब नियमित जमानत के बाद आगे की न्यायालयीन प्रक्रिया में है, जबकि मूल आपराधिक प्रकरण में अदालत का फैसला पहले ही आ चुका है।
न्यायालय में कांग्रेस नेताओं की ओर से अधिवक्ता प्रीतम देशमुख, घनश्याम साहू, सौरभ ताम्रकार, दलेश्वर बंजारे और जय डहरिया ने पैरवी की। सुनवाई के बाद अदालत ने सभी 9 आरोपियों को नियमित जमानत दे दी।
न्यायालय परिसर में पेशी के दौरान कांग्रेस के जिला और ब्लॉक स्तर के पदाधिकारी, मंडल अध्यक्ष, जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता मौजूद रहे। जमानत मिलने के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने न्यायालयीन प्रक्रिया के प्रति विश्वास जताया।
पेशी के बाद राकेश ठाकुर ने कहा कि आंदोलन का उद्देश्य बच्ची के लिए न्याय और क्षेत्र में कानून-व्यवस्था से जुड़े सवालों को उठाना था। उन्होंने क्षेत्र में कथित अवैध शराब कारोबार को लेकर नागरिकों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं की ओर से पुलिस-प्रशासन को शिकायतें दिए जाने का दावा भी किया।
ठाकुर ने कहा कि पुतला दहन कार्यक्रम की जानकारी पुलिस प्रशासन को पहले से थी और मौके पर पुलिस बल मौजूद था। उनके मुताबिक, पुतला बुझाने और उसे कब्जे में लेने के प्रयास के दौरान हुई खींचतान में आरक्षक के झुलसने की घटना हुई, जिसका उन्हें खेद है। उन्होंने न्यायालय की प्रक्रिया का सम्मान करने की बात कही।
ठाकुर ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं राष्ट्रीय महासचिव भूपेश बघेल से जुड़े सोशल मीडिया मामलों में कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठाए और कानून के समक्ष समान व्यवहार की मांग की। ये बातें राकेश ठाकुर के बयान के रूप में सामने आई हैं।
इस बीच, जिस मूल घटना के विरोध में कांग्रेस ने प्रदर्शन किया था, उस मामले में विशेष पॉक्सो न्यायालय, दुर्ग ने आरोपी धनेश्वर साहू उर्फ जनता को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास सहित अलग-अलग सजाएं सुनाई हैं। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार अदालत ने 25 सितंबर 2026 को दोषसिद्धि और 26 सितंबर को सजा संबंधी आदेश पारित किया।
इस तरह उतई आंदोलन से जुड़ा मामला अब नियमित जमानत के बाद आगे की न्यायालयीन प्रक्रिया में है, जबकि मूल आपराधिक प्रकरण में अदालत का फैसला पहले ही आ चुका है।

