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| राजनांदगांव में गौहत्या मामले की जांच के दौरान पुलिस कथित आपूर्ति और बिक्री नेटवर्क की पड़ताल कर रही है। |
मामले में पुलिस ने तीन और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें नागपुर निवासी एजाज अहमद उर्फ कसाई (39), गौरीनगर निवासी खैरून निशा (60) और नसीमा बेगम उर्फ रानी (57) शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक, दोनों महिलाओं ने कथित तौर पर गोमांस खरीदा था। इन गिरफ्तारियों के बाद मामले में कार्रवाई के दायरे में आए लोगों की कुल संख्या 14 हो गई है, जिनमें चार महिलाएं शामिल हैं।
तीन नई गिरफ्तारियों के बाद जांच का दायरा बढ़ा
पुलिस की कार्रवाई से पहले 17 अक्टूबर को 10 आरोपियों को जेल भेजा गया था, जबकि एक नाबालिग को बालिका गृह भेजा गया है। अब गिरफ्तार किए गए तीन लोगों से जुड़े पहलुओं की जांच के साथ पुलिस कथित तौर पर गोमांस खरीदने वालों और इसकी आपूर्ति करने वाले लोगों की भूमिका भी खंगाल रही है।
जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि कथित घटनाओं में कौन-कौन शामिल था और मांस की खरीद-बिक्री का नेटवर्क किस तरह काम करता था। पुलिस नागपुर से जुड़े संपर्कों और स्थानीय स्तर पर मांस की बिक्री के संबंध में भी जानकारी जुटा रही है।
अक्टूबर में दो घटनाओं की जांच
पुलिस के मुताबिक, कथित गौहत्या की घटनाएं 10 और 11 अक्टूबर के बीच तथा 13 से 15 अक्टूबर के बीच की रातों में हुई थीं। इन मामलों से जुड़े गोवंश के कटे हुए सिर अलग-अलग स्थानों पर मिले थे। 12 अक्टूबर को गौरीनगर में और 14 अक्टूबर को शीतला तालाब में कटे हुए सिर बरामद किए गए थे।
इन बरामदगियों के बाद पुलिस ने मामले की जांच तेज की। इसके बाद जांच का दायरा कथित घटनाओं में शामिल लोगों की पहचान तक सीमित न रहकर गोमांस की खरीद-बिक्री और आपूर्ति से जुड़े संपर्कों तक बढ़ गया।
चिकन-मटन दुकानों तक बिक्री नेटवर्क की जांच
पुलिस की जांच में शहर के कुछ चिकन-मटन केंद्रों पर कथित तौर पर गोमांस बेचे जाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस के अनुसार, गोमांस की आपूर्ति नागपुर से भी की जाती थी और कुछ खरीदार कथित तौर पर कसाइयों के सीधे संपर्क में थे।
इसी मामले में आरोपी आरिफ कुरैशी की गौरीनगर मैदान के पास स्थित चिकन दुकान को रविवार को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया गया। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में इस कार्रवाई से संबंधित अलग प्रशासनिक आदेश या विस्तृत कानूनी आधार का उल्लेख नहीं है।
तकनीकी साक्ष्यों की जांच जारी
नगर पुलिस अधीक्षक सत्यप्रकाश तिवारी के मुताबिक, मामले से जुड़े तकनीकी साक्ष्यों की जांच की जा रही है। उन्होंने आगे भी गिरफ्तारियां होने की संभावना जताई है।
फिलहाल पुलिस आरोपियों के बीच संपर्क, गोमांस की कथित आपूर्ति और बिक्री के नेटवर्क की पहचान करने में जुटी है। जांच पूरी होने और आगे की कार्रवाई के साथ मामले से जुड़े अन्य तथ्यों का पता चल सकता है।
