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| पाटन के ज्वेलर्स से नकली सोने की पत्तियां गिरवी रखकर ठगी के मामले में छह आरोपी गिरफ्तार। |
मामला 24 सितंबर का है, जब आरोपियों ने पाटन के पुराना बाजार स्थित लक्ष्मी ज्वेलर्स को निशाना बनाया। उन्होंने 18 सोने की पत्तियां करीब 180 ग्राम बताकर व्यापारी के पास गिरवी रखीं और इसके बदले 15 लाख 93 हजार रुपये लिए। इसके साथ ही तीन सोने की अंगूठियां और एक जोड़ी चांदी की पायल करीब 3 लाख 39 हजार रुपये की उधारी में ले गए।
आरोपियों ने व्यापारी को एक सप्ताह के भीतर ब्याज सहित पूरी रकम लौटाने का भरोसा दिया था। तय समय पर रकम वापस नहीं मिलने के बाद ज्वेलर्स को शक हुआ। गिरवी रखी गई सोने की पत्तियों की जांच कराई गई तो उनमें करीब 10 प्रतिशत ही सोना और 90 प्रतिशत दूसरी धातु होने की जानकारी सामने आई।
इसके बाद व्यापारी ने पाटन थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू की।
चटाई बेचने के बहाने ज्वेलर्स तक पहुंचते थे
पुलिस के अनुसार, आरोपी राजस्थान के अलवर क्षेत्र से जुड़े हैं और अलग-अलग इलाकों में घूमकर ज्वेलर्स को निशाना बनाते थे। गिरोह के सदस्य शुरुआत में चटाई बेचने के बहाने कस्बों और ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंचते थे।
इसी दौरान वे स्थानीय ज्वेलर्स से संपर्क करते और धीरे-धीरे विश्वास कायम करते थे। पुलिस के मुताबिक, भरोसा मजबूत करने के लिए गिरोह का कोई सदस्य पहले असली सोने की अंगूठी या अन्य आभूषण गिरवी रखता और तय समय पर रकम वापस कर देता था। इससे ज्वेलर्स को उन पर भरोसा हो जाता था।
कमर में बांधने वाली गुप्त थैलियां बरामद
पुलिस को आरोपियों के पास से कमर में बांधने वाली छह गुप्त कपड़े की थैलियां भी मिली हैं। पुलिस के अनुसार, इनका इस्तेमाल नकदी और अन्य सामान छिपाने के लिए किया जाता था।
पाटन की घटना के बाद दुर्ग पुलिस ने दुर्ग, बालोद, बेमेतरा, राजनांदगांव और रायपुर के ग्रामीण एवं कस्बाई क्षेत्रों के ज्वेलर्स तथा ज्वेलर्स एसोसिएशन से संपर्क किया। पुलिस ने गिरोह के ठगी करने के तरीके की जानकारी साझा कर व्यापारियों को सतर्क किया।
25 लाख की दूसरी ठगी की कोशिश में मिली अहम जानकारी
पुलिस को इसी दौरान बालोद जिले के अर्जुन्दा क्षेत्र से सूचना मिली कि कुछ संदिग्ध इसी तरीके से एक अन्य ज्वेलर्स के यहां नकली सोना गिरवी रखकर करीब 25 लाख रुपये हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं। सूचना के बाद पुलिस टीम ने अर्जुन्दा में कार्रवाई कर संदिग्धों को पकड़ लिया।
पूछताछ के दौरान राजनांदगांव शहर में किराये के मकान में गिरोह के अन्य सदस्यों के ठहरने की जानकारी मिली। पुलिस टीम वहां पहुंची, लेकिन कुछ आरोपी पहले ही वहां से निकल चुके थे।
इसके बाद पुलिस ने CCTV फुटेज और तकनीकी सुरागों के आधार पर उनकी तलाश शुरू की। आरोपियों के ट्रेन से फरार होने की जानकारी मिलने पर दुर्ग पुलिस ने RPF नागपुर से संपर्क किया। RPF के सहयोग से ट्रेन से भाग रहे दो महिलाओं और दो पुरुषों को पकड़ा गया। इस कार्रवाई के बाद मामले में गिरोह के कुल छह सदस्य पुलिस की गिरफ्त में आ गए।
23 नकली और एक असली सोने की पत्ती बरामद
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 23 नकली सोने की पत्तियां और एक असली सोने की पत्ती बरामद की है। कुल 24 पत्तियों का वजन करीब 240 ग्राम बताया गया है।
इसके अलावा 16,190 रुपये नकद, एक मोटरसाइकिल, छह गुप्त कपड़े की थैलियां, ज्वेलर्स दुकान का कोरा बिल, आधार कार्ड, ATM कार्ड, हथौड़ी, पेचकस, स्क्रूड्राइवर और वाहन बिक्री पत्र भी जब्त किया गया है।
अब पिछले मामलों की जांच कर रही पुलिस
पुलिस अब आरोपियों की दुर्ग, पाटन, राजनांदगांव, अर्जुन्दा और गुंडरदेही सहित आसपास के क्षेत्रों में आवाजाही की जांच कर रही है। इसके साथ ही यह पता लगाया जा रहा है कि गिरोह ने इससे पहले कितने ज्वेलर्स को इसी तरीके से निशाना बनाया और किन-किन स्थानों पर ठगी की कोशिश की।
मामले की जांच में पुलिस गिरोह के नेटवर्क और उसके पहले के संभावित मामलों से जुड़ी जानकारी जुटा रही है। फिलहाल छह आरोपी पुलिस की गिरफ्त में हैं और आगे की जांच जारी है।
