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| दुर्ग जिले में दशहरा, रावण दहन और दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के लिए 766 पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। |
जिले में दशहरा आयोजनों के लिए 174 और दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के लिए 532 स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था की गई है। बेहतर प्रबंधन के लिए जिले को दो हिस्सों में बांटकर वरिष्ठ अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके साथ ही विसर्जन स्थलों और उनसे जुड़े रास्तों पर भी पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी।
दुर्ग और धमधा क्षेत्र की जिम्मेदारी एएसपी ग्रामीण मणिशंकर चंद्रा को दी गई है। वहीं, भिलाई और पाटन क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी एएसपी शहर सोबराज अग्रवाल संभालेंगे। संबंधित थाना क्षेत्रों के पुलिस अधिकारी अपने-अपने इलाकों में तैनाती और व्यवस्थाओं की निगरानी करेंगे।
दुर्ग, पद्मनाभपुर, मोहन नगर, पुलगांव और धमधा सहित संबंधित थाना क्षेत्रों में पुलिस बल तैनात रहेगा। इसके अलावा भिलाई नगर, सुपेला, नेवई, स्मृतिनगर, वैशाली नगर, छावनी, जामुल, खुर्सीपार, कुम्हारी और पाटन क्षेत्रों में भी सुरक्षा की जिम्मेदारी स्थानीय पुलिस अधिकारियों को सौंपी गई है।
यातायात व्यवस्था के लिए 103 जवानों की ड्यूटी
दशहरा और प्रतिमा विसर्जन के दौरान सड़कों पर वाहनों और लोगों की आवाजाही बढ़ने की संभावना को देखते हुए यातायात व्यवस्था को तीन जोन में बांटा गया है। यातायात शाखा के 103 जवानों को इस व्यवस्था की जिम्मेदारी दी गई है।
आयोजन स्थलों के आसपास जाम की स्थिति से बचने के लिए जरूरत के अनुसार वाहनों की आवाजाही नियंत्रित की जाएगी। यातायात पुलिस का ध्यान प्रमुख मार्गों पर व्यवस्था बनाए रखने और लोगों की आवाजाही को सुचारु रखने पर रहेगा।
532 विसर्जन स्थलों पर रहेगी पुलिस की निगरानी
दुर्ग जिले में दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए 532 स्थलों पर व्यवस्था की गई है। इन स्थानों के साथ-साथ वहां तक पहुंचने वाले रास्तों पर भी पुलिसकर्मियों की तैनाती रहेगी। भीड़ प्रबंधन, श्रद्धालुओं की आवाजाही और सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रखी जाएगी।
संबंधित थाना प्रभारी अपने-अपने क्षेत्रों में व्यवस्थाओं की निगरानी करेंगे। विसर्जन के दौरान लोगों की आवाजाही को व्यवस्थित रखने और आयोजन स्थलों पर सुरक्षा बनाए रखने की जिम्मेदारी स्थानीय पुलिस अधिकारियों की होगी।
महिला सुरक्षा के लिए तैनात रहेगी रक्षा टीम
त्योहारी आयोजनों के दौरान महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए महिला रक्षा टीम भी तैनात रहेगी। पुलिस की तैयारी में भीड़ नियंत्रण के साथ-साथ महिला सुरक्षा को भी प्राथमिकता दी गई है।
आपात स्थिति से निपटने के लिए राज्य और राष्ट्रीय आपदा बचाव दल के साथ अग्निशमन दल की व्यवस्था भी की गई है। इसके अलावा सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर ढंग से संचालित करने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों के साथ समन्वय बनाया जाएगा।
20 और 21 अक्टूबर को होने वाले दशहरा, रावण दहन और दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान दुर्ग पुलिस की ओर से निर्धारित स्थलों पर सुरक्षा और यातायात व्यवस्था की निगरानी की जाएगी। जिले में 766 पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों की तैनाती के साथ भीड़ प्रबंधन, महिला सुरक्षा और आपात स्थितियों से निपटने की तैयारियां की गई हैं।
