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| दुर्ग ग्रामीण में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर काला दिवस मनाया। |
छत्तीसगढ़ के दुर्ग ग्रामीण जिले में कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर गुरुवार, 8 अक्टूबर को काला दिवस मनाया। जिला कांग्रेस कमेटी दुर्ग ग्रामीण के नेतृत्व में जिले के 9 ब्लॉक में कुल 10 स्थानों पर विरोध प्रदर्शन आयोजित किए गए। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने काली पट्टी और काले कपड़े पहनकर चुनावी व्यवस्था की निष्पक्षता, संवैधानिक संस्थाओं की जवाबदेही और लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़े मुद्दे उठाए।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने लोकतंत्र बचाओ और संविधान बचाओ के नारे लगाए। जामुल में विरोध का तरीका अलग रहा, जहां जिला कांग्रेस अध्यक्ष राकेश ठाकुर के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने भैंस के सामने बीन बजाकर प्रतीकात्मक प्रदर्शन किया। पार्टी ने इस तरीके के जरिए मुख्य चुनाव आयुक्त की कथित चुप्पी पर व्यंग्य किया।
जामुल में अनोखे तरीके से जताया विरोध
कांग्रेस कार्यकर्ताओं का कहना था कि मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर लगातार आवाज उठाई जा रही है, लेकिन उनकी ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल रही है। इसी बात को प्रतीकात्मक रूप से सामने रखने के लिए जामुल में भैंस के सामने बीन बजाकर विरोध दर्ज कराया गया।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष राकेश ठाकुर ने कहा कि चुनावी प्रक्रिया से जुड़े सवालों पर मुख्य चुनाव आयुक्त को जवाब देना चाहिए। उनके मुताबिक, संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति से पारदर्शिता और जवाबदेही की अपेक्षा की जाती है।
चुनाव व्यवस्था की निष्पक्षता पर उठाए सवाल
राकेश ठाकुर ने आरोप लगाया कि चुनाव व्यवस्था को लेकर विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है, लेकिन इन मुद्दों पर संतोषजनक जवाब नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस लोकतांत्रिक संस्थाओं की गरिमा और संविधान की रक्षा के लिए आंदोलन कर रही है।
ठाकुर ने केंद्र की भाजपा सरकार के कार्यकाल में लोकतांत्रिक संस्थाओं की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि निर्वाचन व्यवस्था की निष्पक्षता और पारदर्शिता को लेकर कांग्रेस प्रदेश से लेकर ब्लॉक स्तर तक विरोध दर्ज करा रही है।
यह कांग्रेस और उसके नेताओं की ओर से लगाए गए आरोप और रखी गई मांगें हैं। प्रदर्शन के दौरान पार्टी ने चुनावी प्रक्रिया पर उठ रहे सवालों का जवाब देने और निर्वाचन संस्थाओं की जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की।
दुर्ग ग्रामीण में 10 स्थानों पर हुए प्रदर्शन
जिला कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में दुर्ग ग्रामीण के अलग-अलग क्षेत्रों में कार्यकर्ता जुटे। प्रदर्शन के लिए शिवपुरी जामुल, किसान चौक जामगांव आर, बाजार चौक कुम्हारी, आत्मानंद चौक पाटन, मुरमुंदा-अहिवारा, धमधा मेन रोड बस स्टैंड, अहिवारा, भिलाई-3 चरोदा, उतई और अंजोरा सहित विभिन्न स्थानों का उल्लेख किया गया।
प्रदर्शन में शामिल कार्यकर्ताओं ने काली पट्टी बांधकर अपना विरोध दर्ज कराया। पार्टी ने इन कार्यक्रमों के माध्यम से चुनाव आयोग की निष्पक्षता और लोकतांत्रिक संस्थाओं की विश्वसनीयता से जुड़े सवालों को उठाया।
दिल्ली में पुलिस कार्रवाई के विरोध से जुड़ा था आह्वान
कांग्रेस के मुताबिक, दिल्ली में निर्वाचन संबंधी मुद्दों पर प्रदर्शन कर रहे इंडिया ब्लॉक के नेताओं के खिलाफ हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में भी 8 अक्टूबर को देशभर में काला दिवस मनाने का आह्वान किया गया था।
राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने और चुनावी व्यवस्था की निष्पक्षता बहाल करने की मांग के साथ विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया था। इसी क्रम में दुर्ग ग्रामीण जिले में भी अलग-अलग स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित किए गए।
कांग्रेस ने पारदर्शिता और जवाबदेही को बताया जरूरी
राकेश ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस की मांग किसी एक घटना तक सीमित नहीं है। उनके अनुसार, पार्टी चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और निर्वाचन संस्थाओं की जवाबदेही को लेकर सवाल उठा रही है।
उन्होंने कहा कि चुनाव व्यवस्था पर जनता का विश्वास लोकतंत्र की बुनियाद है। कांग्रेस का कहना है कि यदि चुनावी प्रक्रिया को लेकर संदेह पैदा होते हैं, तो संबंधित संवैधानिक संस्थाओं को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
दुर्ग ग्रामीण में हुए इन प्रदर्शनों के जरिए कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की अपनी मांग दोहराई। पार्टी ने चुनावी व्यवस्था की निष्पक्षता, पारदर्शिता और संवैधानिक संस्थाओं की जवाबदेही को लेकर अपना विरोध दर्ज कराया।
