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| BSP प्रबंधन ने भिलाई स्टील प्लांट के निजीकरण से जुड़ी खबरों को झूठा और भ्रामक बताया। |
BSP प्रबंधन के अनुसार, इस्पात मंत्रालय ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर इन दावों का खंडन किया है। इसके अलावा, प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) की फैक्ट चेक टीम ने भी निजीकरण से जुड़ी खबरों को झूठा बताया है। प्रबंधन का यह बयान ऐसे समय आया है, जब संयंत्र को अडानी समूह या किसी निजी कंपनी को बेचे जाने की आशंका को लेकर राजनीतिक बहस चल रही है।
भूपेश बघेल ने 14 अक्टूबर को उठाए थे सवाल
छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने 14 अक्टूबर 2026 को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर भिलाई स्टील प्लांट को लेकर पोस्ट किया था। उन्होंने दावा किया था कि अडानी समूह के प्रतिनिधि प्लांट देखने आने वाले हैं। उन्होंने इस घटनाक्रम को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार से जोड़ते हुए BSP के भविष्य को लेकर सवाल उठाए थे।
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| भूपेश बघेल से 14 अक्टूबर को पोस्ट किया । |
बघेल ने अपने पोस्ट में भिलाई इस्पात संयंत्र को छत्तीसगढ़ की पहचान बताते हुए कहा था कि इसे किसी भी कीमत पर बिकने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने भाजपा नेताओं से भी इस मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट करने की बात कही थी।
देवेंद्र यादव ने भी निजीकरण का किया विरोध
भिलाई नगर से कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव ने भी भिलाई इस्पात संयंत्र के निजीकरण की आशंका पर विरोध जताया था। उन्होंने कहा था कि अंबानी-अडानी को BSP खरीदने नहीं दिया जाएगा। उनके मुताबिक, यह संयंत्र केवल एक औद्योगिक इकाई नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की पहचान और भिलाई के लोगों की यादों से जुड़ा हुआ है।
देवेंद्र यादव ने संयंत्र को बचाने के लिए आखिरी समय तक लड़ाई लड़ने की बात कही थी। उन्होंने स्पष्ट किया था कि वह BSP को किसी भी कीमत पर बिकने नहीं देंगे।
रिकेश सेन ने कांग्रेस नेताओं से मांगे दस्तावेज
वैशाली नगर से भाजपा विधायक रिकेश सेन ने BSP के निजीकरण को लेकर कांग्रेस नेताओं के आरोपों पर सवाल उठाए थे। उन्होंने भूपेश बघेल और देवेंद्र यादव से कहा था कि यदि उनके पास संयंत्र को अडानी समूह या किसी अन्य निजी कंपनी को बेचने से संबंधित दस्तावेज हैं, तो उन्हें सार्वजनिक किया जाए।
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| रिकेश सेन ने भूपेश बघेल और देवेंद्र यादव के घर के सामने धरना देने की बात कही है । |
रिकेश सेन ने कांग्रेस नेताओं पर अफवाह फैलाने का आरोप भी लगाया था। उन्होंने कहा था कि यदि भिलाई इस्पात संयंत्र को बेचने की कोशिश होती है, तो वह सबसे पहले इसका विरोध करेंगे। साथ ही, उन्होंने भूपेश बघेल और देवेंद्र यादव के घरों के बाहर धरना देने की बात भी कही थी।
भूपेश बघेल ने रिकेश सेन के बयान पर दिया जवाब
रिकेश सेन की चुनौती पर प्रतिक्रिया देते हुए भूपेश बघेल ने कहा कि भाजपा विधायक को पहले यह पता करना चाहिए कि केंद्र सरकार की सूची में नगरनार स्टील प्लांट और भिलाई स्टील प्लांट को लेकर क्या स्थिति है।
बघेल ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में पहले कोयला खदानों और पावर प्लांट से जुड़े मुद्दे सामने आए हैं। उन्होंने एसीसी जामुल का भी जिक्र किया और लौह अयस्क की खदानों को लेकर चिंता जताई। उनके अनुसार, BSP में अधिकारियों का दौरा हो चुका है और अडानी समूह के आने की चर्चा भी है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि भिलाई इस्पात संयंत्र को बचाने के लिए स्थानीय लोगों को अभी से तैयारी करनी चाहिए। उन्होंने रिकेश सेन से कहा कि यदि उन्हें विरोध प्रदर्शन करना है, तो प्रधानमंत्री कार्यालय के सामने जाकर प्रदर्शन करें। बघेल ने यह भी कहा कि मुद्दा नेताओं के घरों के बाहर धरना देने का नहीं, बल्कि सार्वजनिक क्षेत्र के उद्योगों को बचाने का है।
BSP और अडानी टोटल गैस के बीच गैस सप्लाई का समझौता
भिलाई स्टील प्लांट और अडानी टोटल गैस लिमिटेड (ATGL) के बीच पाइपलाइन के जरिए प्राकृतिक गैस (PNG) की आपूर्ति के लिए समझौता होने की जानकारी भी सामने आई है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, दोनों के बीच 16 जुलाई 2026 को समझौता ज्ञापन (MoU) हुआ था।
इस समझौते का उद्देश्य प्लांट और टाउनशिप में पाइप के जरिए प्राकृतिक गैस पहुंचाना बताया गया है। इसी समझौते के सिलसिले में कुछ अधिकारियों के BSP दौरे की योजना की चर्चा भी हुई।
हालांकि, गैस सप्लाई के लिए हुए इस समझौते और संयंत्र के निजीकरण के दावे अलग-अलग विषय हैं। BSP प्रबंधन ने निजीकरण से जुड़ी खबरों को झूठा और भ्रामक बताया है। उपलब्ध जानकारी में संयंत्र को अडानी समूह को बेचने की किसी पुष्टि का उल्लेख नहीं है।
फिलहाल निजीकरण की खबरों पर BSP प्रबंधन का रुख स्पष्ट
भिलाई इस्पात संयंत्र के निजीकरण को लेकर राजनीतिक बयानबाजी के बीच प्रबंधन ने खबरों का खंडन किया है। इस्पात मंत्रालय और PIB की फैक्ट चेक टीम के खंडन का भी प्रबंधन ने अपने बयान में उल्लेख किया है।
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| BSP प्रबंधन ने भिलाई स्टील प्लांट के निजीकरण से जुड़ी खबरों को झूठा और भ्रामक बताया। |
दूसरी ओर, भूपेश बघेल और देवेंद्र यादव ने संयंत्र को बेचे जाने की आशंका पर विरोध जताया है, जबकि रिकेश सेन ने कांग्रेस नेताओं से अपने दावों के समर्थन में दस्तावेज सार्वजनिक करने की मांग की है। उपलब्ध जानकारी के आधार पर BSP के निजीकरण की खबरों की प्रबंधन ने पुष्टि नहीं की है।



