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| बेमेतरा पुलिस ने संदिग्ध व्यक्ति की पहचान और दस्तावेजों का सत्यापन किया। |
पुलिस के मुताबिक, जांच के दौरान आरोपी के खिलाफ बेमेतरा, कबीरधाम और राजनांदगांव में चोरी, नकबजनी, आर्म्स एक्ट और आबकारी अधिनियम से जुड़े कुल 13 मामले दर्ज होने की जानकारी सामने आई।
पुलिस का कहना है कि आरोपी वर्ष 2007 में भारत आया था। इसके बाद उसने ओडिशा के संबलपुर में फर्जी आधार कार्ड बनवाया और कपड़ा तथा बर्तन बेचने की आड़ में अलग-अलग जिलों में किराए के मकानों में रहने लगा।
पुलिस के अनुसार, जिन क्षेत्रों में वह रहता या आता-जाता था, वहां चोरी की घटनाओं में उसकी संलिप्तता सामने आई। पुलिस का दावा है कि उसके साथी भी किराए के मकानों पर आते थे और उनके साथ मिलकर कई वारदातें की गईं।
पुलिस के मुताबिक, वर्ष 2019 में सूमोन खान के साथ मिलकर बेमेतरा और कवर्धा में 7 से 8 चोरी की घटनाओं को अंजाम देने का मामला सामने आया था। पुलिस के अनुसार आरोपी वर्ष 2019, 2021, 2024 और 2026 में जेल जा चुका है।
पुलिस ने बताया कि आरोपी 23 सितंबर 2026 को जेल से रिहा हुआ था। इसके बाद उसके दोबारा बेमेतरा क्षेत्र में चोरी की नीयत से घूमने की सूचना मिली। इस सूचना के आधार पर पुलिस ने उसे पकड़ा और उसके दस्तावेजों तथा पहचान की जांच शुरू की।
इस कार्रवाई में विशेष टास्क फोर्स, साइबर सेल और संबंधित थाना टीम ने उसके रिकॉर्ड और दस्तावेजों का सत्यापन किया। पुलिस के अनुसार पहचान और दस्तावेजों के सत्यापन की प्रक्रिया पूरी करने के बाद 28 सितंबर 2026 को उसे रायपुर स्थित होल्डिंग सेंटर भेजा गया।
पुलिस के मुताबिक, राज्य शासन के निर्देश पर जिले में अवैध अप्रवासियों, घुसपैठियों और बिना वैध दस्तावेजों के रह रहे संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान के लिए विशेष टास्क फोर्स बनाई गई है। साइबर सेल के साथ सभी थाना और चौकी प्रभारियों को संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान करने तथा उनके दस्तावेजों का सत्यापन करने के निर्देश दिए गए हैं।
बेमेतरा पुलिस ने मकान मालिकों से भी अपील की है कि किसी बाहरी व्यक्ति को मकान किराए पर देने से पहले उसकी पहचान और दस्तावेजों का सत्यापन जरूर कराएं। पुलिस ने किरायेदार की आवश्यक जानकारी संबंधित थाने में उपलब्ध कराने की भी अपील की है।
