![]() |
| थानखम्हरिया में छह गौवंश के कथित क्रूर परिवहन के मामले में पुलिस ने छह आरोपियों को गिरफ्तार किया। |
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम, 2004 की धारा 4, 6 और 10 के तहत मामला दर्ज किया गया है। गिरफ्तारी के बाद सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
त्रिमूर्ति चौक पर पिकअप में मिले छह बछड़े
मामले की शुरुआत थानखम्हरिया निवासी रियांस राजपूत उर्फ उमंग राजपूत को उसके दोस्त से मिली सूचना के बाद हुई। सूचना के मुताबिक, मवेशियों से भरी एक पिकअप पकड़ी गई थी। इसके बाद रियांस राजपूत त्रिमूर्ति चौक पहुंचा, जहां पिकअप क्रमांक CG 04 PR 4067 में छह बछड़े मिले।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि बछड़ों को वाहन में ठूंसकर भरा गया था और उन्हें चारा-पानी दिए बिना ले जाया जा रहा था। शिकायत में पशुओं के साथ क्रूरतापूर्ण व्यवहार किए जाने की बात कही गई। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की।
पालन-पोषण के लिए ले जाने की बात कही
पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान पिकअप चालक वेदप्रकाश चंद्राकर और उसके पांच साथियों ने बताया कि वे गौवंश को पालन-पोषण के लिए नगवाही, रेंगाखार ले जा रहे थे। हालांकि, पुलिस के मुताबिक, वे परिवहन से संबंधित वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके।
इसके बाद शिकायत के आधार पर पुलिस ने संबंधित धाराओं में अपराध दर्ज कर छह आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की। पुलिस ने पूछताछ के दौरान आरोपियों द्वारा अपराध स्वीकार करने की बात भी कही है।
पिकअप और छह बछड़ों समेत 5.60 लाख की संपत्ति जब्त
पुलिस ने जब्त पिकअप वाहन की कीमत करीब पांच लाख रुपये और छह गौवंश की कीमत लगभग 60 हजार रुपये आंकी है। इस तरह जब्त संपत्ति का कुल मूल्य करीब 5 लाख 60 हजार रुपये बताया गया है।
इन छह लोगों को किया गया गिरफ्तार
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों में वेदप्रकाश चंद्राकर, कंचन सिंह मेरावी, रामसिंग यादव, रामकुमार यादव, रविन्द्र मेरावी और भागीरथी चंद्राकर शामिल हैं।
पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद न्यायालय में पेश किया। वहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, मामले में पुलिस ने छह गौवंश और परिवहन में इस्तेमाल वाहन जब्त किया है।
