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| रायपुर के खम्हारडीह में WhatsApp पर आई APK फाइल के बाद कारोबारी के बैंकिंग माध्यमों से रकम निकलने का मामला सामने आया। |
शिकायत के मुताबिक, मोबाइल में WhatsApp का auto-download फीचर चालू होने के कारण फाइल अपने आप डाउनलोड हो गई। इसके बाद उनके बैंकिंग माध्यमों से रकम निकलने लगी। कुल 4,15,529.92 रुपए के लेनदेन की जानकारी शिकायत में दी गई है।
तनुज का मोबाइल नंबर Bank of India के credit card और Union Bank के current account से लिंक था। शिकायत के अनुसार, Bank of India के credit card से 69,998.97 रुपए निकाले गए, जबकि Union Bank के current account से 4,15,529.92 रुपए की रकम चली गई। इनमें 3,45,530.95 रुपए UPI के जरिए transfer किए जाने की जानकारी दी गई है।
ठगी का पता चलने के बाद कारोबारी ने National Cyber Crime Reporting Portal पर शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद 17 सितंबर को खम्हारडीह थाने में लिखित शिकायत दी गई। दस्तावेजों की जांच के बाद पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ BNS की धारा 318(4) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की है।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि APK फाइल किस नंबर से भेजी गई थी और रकम किन खातों में transfer हुई। बैंकिंग transactions और cyber technical evidence के आधार पर आरोपियों की भूमिका की जांच की जा रही है।
इस घटना के बाद WhatsApp पर आने वाली अनजान APK फाइलों को लेकर सावधानी जरूरी है। किसी अनजान नंबर से आई APK फाइल, संदिग्ध PDF या अज्ञात link को डाउनलोड या install नहीं करना चाहिए।
WhatsApp में auto-download बंद करने के लिए Settings में जाकर Storage and data विकल्प खोलना होता है। इसके बाद Media auto-download में mobile data, Wi-Fi और roaming के दौरान automatic downloads के विकल्पों को बंद किया जा सकता है।
APK Android application package फाइल होती है, जिसका इस्तेमाल Android apps की installation के लिए किया जाता है। Source में दी गई जानकारी के मुताबिक, अनverified source से मिली ऐसी फाइलें cyber fraud का माध्यम बन सकती हैं।
साइबर सुरक्षा संबंधी सलाह में अनजान APK फाइलों के साथ संदिग्ध links और files से सावधान रहने को कहा गया है। बैंकिंग या अन्य जरूरी जानकारी से जुड़ी किसी सूचना की पुष्टि संबंधित बैंक या आधिकारिक माध्यम से करने की सलाह दी गई है।
ऑनलाइन ठगी की स्थिति में 1930 helpline पर तुरंत संपर्क करने और National Cyber Crime Reporting Portal पर शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी गई है। शिकायत जितनी जल्दी की जाए, उतना बेहतर माना जाता है क्योंकि शुरुआती कार्रवाई से transaction को रोकने या रकम की recovery के प्रयास किए जा सकते हैं।
