![]() |
| नगांव में कांग्रेस नेताओं के काफिले पर हमले की घटना पर अरुण वोरा ने निंदा और जांच की मांग की। |
स्रोत के मुताबिक, काफिले में छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और असम कांग्रेस प्रभारी भूपेश बघेल तथा असम प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई समेत कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मौजूद थे। काफिले पर पत्थर और बोतलें फेंके जाने की घटना में कई वाहनों को नुकसान पहुंचने और नेताओं व कार्यकर्ताओं के घायल होने की जानकारी सामने आई है।
अरुण वोरा ने कहा कि लोकतंत्र में राजनीतिक मतभेद और विरोध के लिए जगह है, लेकिन हिंसा या डर का माहौल बनाकर चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करना स्वीकार्य नहीं होना चाहिए। उन्होंने इस घटना को नेताओं की सुरक्षा और चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता से जुड़ा गंभीर विषय बताया।
वोरा ने प्रशासन और चुनाव आयोग से घटना की निष्पक्ष और त्वरित जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि घटना में शामिल लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।
पूर्व विधायक ने कहा कि चुनाव के दौरान सभी राजनीतिक दलों के नेताओं और कार्यकर्ताओं को सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराना शासन-प्रशासन की जिम्मेदारी है। उन्होंने इस घटना के संदर्भ में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाया।
अरुण वोरा ने यह भी कहा कि कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता हिंसात्मक गतिविधियों से डरने वाले नहीं हैं। उनके मुताबिक, पार्टी लोकतांत्रिक मर्यादाओं के भीतर रहकर जनता की आवाज उठाती रहेगी।
