![]() |
| वैवाहिक विवाद, बेमेतरा में LKG कक्षाओं और लोको पायलट तबादले से जुड़े हाई कोर्ट के फैसले। |
दूसरे मामले में बेमेतरा जिले के छात्रों को स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में LKG स्तर पर प्रवेश का रास्ता साफ किया गया, जबकि तीसरे मामले में लोको पायलटों के प्रमोशन के बाद किए गए तबादलों पर अदालत ने हस्तक्षेप से इनकार कर दिया।
वैवाहिक विवाद से जुड़े मामले में जस्टिस प्रार्थ प्रतीम साहू और जस्टिस सुषमा सावंत की डिवीजन बेंच ने फैमिली कोर्ट के आदेश को पलटते हुए पत्नी को राहत दी और दिसंबर 2021 में हुई शादी को समाप्त कर दिया।
उत्तर प्रदेश के बलिया जिले की निवासी महिला की शादी 5 दिसंबर 2021 को बिहार के भोजपुर निवासी आनंद कुमार गुप्ता के साथ हुई थी।
हाई कोर्ट ने कहा कि पति द्वारा पत्नी और उसकी बहनों को फोन पर अभद्र गालियां देना तथा लगातार परेशान करना गंभीर मानसिक क्रूरता के दायरे में आता है। अदालत ने यह भी कहा कि किसी कामकाजी महिला या पत्नी को इस तरह की मानसिक और शारीरिक यातना सहन करने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता।
एक अन्य मामले में हाई कोर्ट ने बच्चों की बुनियादी शिक्षा में क्षेत्रीय भेदभाव से जुड़े मुद्दे पर आदेश दिया। जस्टिस अमितेंद्र किशोर प्रसाद की सिंगल बेंच ने कहा कि कल्याणकारी राज्य में बच्चों की बुनियादी शिक्षा के मामले में किसी भी तरह का क्षेत्रीय भेदभाव स्वीकार नहीं किया जा सकता।
अदालत ने बेमेतरा जिले के छात्रों के मामले में राज्य शासन और शिक्षा विभाग को निर्देश दिया कि स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में तत्काल LKG कक्षाएं शुरू की जाएं। आदेश के मुताबिक प्रवेश प्रक्रिया चार हफ्ते के भीतर पूरी की जानी है।
Source के अनुसार, राज्य के अधिकांश जिलों में स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में LKG स्तर से बच्चों को प्रवेश दिया जा रहा था। हालांकि बेमेतरा जिले के साजा ब्लॉक के राजमोहगांव और अन्य स्थानों पर बजट, बुनियादी ढांचे और स्टाफ की कमी का हवाला देते हुए LKG कक्षाएं शुरू नहीं की जा रही थीं।
इस स्थिति के कारण गरीब परिवारों के बच्चों को योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा था। हाई कोर्ट के निर्देश के बाद इन क्षेत्रों में LKG कक्षाएं शुरू करने और प्रवेश प्रक्रिया पूरी करने का आदेश दिया गया है।
लोको पायलटों के तबादले से जुड़े मामले में बिलासपुर हाई कोर्ट ने रेलवे प्रशासन के आदेश में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया। मामला दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के उन लोको पायलटों से जुड़ा था, जिनका प्रमोशन के बाद अन्य दूरस्थ स्टेशनों पर तबादला किया गया था।
चीफ जस्टिस कृष्णा राम महापात्र और जस्टिस संतोष शर्मा की डिवीजन बेंच ने केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण, जबलपुर के आदेश में किसी तरह की त्रुटि नहीं पाई और तबादलों पर अंतरिम रोक लगाने की मांग वाली याचिका खारिज कर दी।
इस तरह इन तीन मामलों में हाई कोर्ट के आदेशों ने वैवाहिक क्रूरता, बच्चों की शुरुआती शिक्षा में समान अवसर और रेलवे कर्मचारियों के प्रमोशन के बाद तबादले से जुड़े अलग-अलग मुद्दों पर अदालत का रुख स्पष्ट किया है।
वैवाहिक विवाद से जुड़े मामले में जस्टिस प्रार्थ प्रतीम साहू और जस्टिस सुषमा सावंत की डिवीजन बेंच ने फैमिली कोर्ट के आदेश को पलटते हुए पत्नी को राहत दी और दिसंबर 2021 में हुई शादी को समाप्त कर दिया।
उत्तर प्रदेश के बलिया जिले की निवासी महिला की शादी 5 दिसंबर 2021 को बिहार के भोजपुर निवासी आनंद कुमार गुप्ता के साथ हुई थी।
Source के अनुसार, शादी के कुछ समय बाद पति पर पत्नी के साथ मारपीट करने, अभद्र व्यवहार करने और दहेज में एयर कंडीशनर की मांग करने के आरोप लगे थे।
इन परिस्थितियों के बाद महिला अंबिकापुर स्थित अपने मायके चली गई। इसके बाद उसने अंबिकापुर के फैमिली कोर्ट में क्रूरता के आधार पर तलाक के लिए सिविल सूट दायर किया था।
हाई कोर्ट ने कहा कि पति द्वारा पत्नी और उसकी बहनों को फोन पर अभद्र गालियां देना तथा लगातार परेशान करना गंभीर मानसिक क्रूरता के दायरे में आता है। अदालत ने यह भी कहा कि किसी कामकाजी महिला या पत्नी को इस तरह की मानसिक और शारीरिक यातना सहन करने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता।
एक अन्य मामले में हाई कोर्ट ने बच्चों की बुनियादी शिक्षा में क्षेत्रीय भेदभाव से जुड़े मुद्दे पर आदेश दिया। जस्टिस अमितेंद्र किशोर प्रसाद की सिंगल बेंच ने कहा कि कल्याणकारी राज्य में बच्चों की बुनियादी शिक्षा के मामले में किसी भी तरह का क्षेत्रीय भेदभाव स्वीकार नहीं किया जा सकता।
अदालत ने बेमेतरा जिले के छात्रों के मामले में राज्य शासन और शिक्षा विभाग को निर्देश दिया कि स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में तत्काल LKG कक्षाएं शुरू की जाएं। आदेश के मुताबिक प्रवेश प्रक्रिया चार हफ्ते के भीतर पूरी की जानी है।
Source के अनुसार, राज्य के अधिकांश जिलों में स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में LKG स्तर से बच्चों को प्रवेश दिया जा रहा था। हालांकि बेमेतरा जिले के साजा ब्लॉक के राजमोहगांव और अन्य स्थानों पर बजट, बुनियादी ढांचे और स्टाफ की कमी का हवाला देते हुए LKG कक्षाएं शुरू नहीं की जा रही थीं।
इस स्थिति के कारण गरीब परिवारों के बच्चों को योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा था। हाई कोर्ट के निर्देश के बाद इन क्षेत्रों में LKG कक्षाएं शुरू करने और प्रवेश प्रक्रिया पूरी करने का आदेश दिया गया है।
लोको पायलटों के तबादले से जुड़े मामले में बिलासपुर हाई कोर्ट ने रेलवे प्रशासन के आदेश में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया। मामला दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के उन लोको पायलटों से जुड़ा था, जिनका प्रमोशन के बाद अन्य दूरस्थ स्टेशनों पर तबादला किया गया था।
चीफ जस्टिस कृष्णा राम महापात्र और जस्टिस संतोष शर्मा की डिवीजन बेंच ने केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण, जबलपुर के आदेश में किसी तरह की त्रुटि नहीं पाई और तबादलों पर अंतरिम रोक लगाने की मांग वाली याचिका खारिज कर दी।
इस तरह इन तीन मामलों में हाई कोर्ट के आदेशों ने वैवाहिक क्रूरता, बच्चों की शुरुआती शिक्षा में समान अवसर और रेलवे कर्मचारियों के प्रमोशन के बाद तबादले से जुड़े अलग-अलग मुद्दों पर अदालत का रुख स्पष्ट किया है।
