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| दुर्ग के केसरा में खारुन नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद एसडीआरएफ ने 7 माह की बच्ची समेत तीन लोगों को सुरक्षित निकाला। |
रानीतराई थाना क्षेत्र के ग्राम केसरा में खारुन नदी का पानी अचानक बढ़ने से नदी किनारे बसे इलाके में पानी भर गया। तेज बहाव के बीच एक परिवार की 7 माह की बच्ची, उसकी मां और एक बुजुर्ग महिला फंस गईं। पानी लगातार बढ़ने के बाद परिवार की ओर से मदद की सूचना दी गई।
जानकारी मिलते ही नगर सेना की एसडीआरएफ टीम मोटर बोट और जरूरी बचाव उपकरणों के साथ मौके पर पहुंची। जिला सेनानी और जिला अग्निशमन अधिकारी के निर्देशन में पहुंची टीम ने पहले पानी के बहाव और आसपास की स्थिति का जायजा लिया।
स्थिति का आकलन करने के बाद जवान मोटर बोट से उस स्थान तक पहुंचे, जहां बच्ची, उसकी मां और बुजुर्ग महिला फंसी थीं। टीम ने 7 माह की बच्ची को सुरक्षित संभाला और दोनों महिलाओं को भी बोट में बैठाया। इसके बाद तीनों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया।
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| दुर्ग के केसरा में खारुन नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद एसडीआरएफ ने 7 माह की बच्ची समेत तीन लोगों को सुरक्षित निकाला। |
दुर्ग में लगातार बारिश के कारण खारुन नदी के अलावा अन्य नदी-नालों का जलस्तर भी बढ़ा। कई निचले इलाकों में पानी भरने से लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई। प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में बचाव दल तैनात किए गए।
शिवनाथ नदी के आसपास बारिश और जलाशयों से पानी छोड़े जाने के कारण जलस्तर तेजी से बढ़ा। कुम्हारी थाना क्षेत्र के परसदा की जगदीश बाड़ी में पानी भरने के बाद करीब 60 लोगों को बचाकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। इनमें महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग शामिल थे।
अमलेश्वर थाना क्षेत्र के मटिया खार सहित अन्य इलाकों में भी बचाव अभियान चलाया गया। अलग-अलग स्थानों से करीब 160 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाले जाने की जानकारी सामने आई।
महमरा एनीकट के ऊपर भी पानी बहने लगा। 25 सितंबर की शाम तक एनीकट के ऊपर करीब चार फीट पानी बह रहा था। स्थिति को देखते हुए महमरा जाने वाला रास्ता बंद करना पड़ा। नदी किनारे बसे गांवों में भी लोगों को सावधान रहने की सलाह दी गई।
इसके बाद जलस्तर और बढ़ने से नदी के पुराने पुल के ऊपर भी कई फीट पानी बहने की सूचना सामने आई। इससे लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई।
लगातार बारिश का असर दुर्ग शहर में भी दिखाई दिया। पुलगांव नाले का पानी शहर की ओर पहुंचने से पुलगांव पुल के पास आवाजाही प्रभावित हुई। नाले के पास स्थित एक पेट्रोल पंप में भी पानी भर गया।
दुर्ग कोतवाली परिसर में भी बारिश का पानी भर गया और पानी पुलिसकर्मियों के कमरों तक पहुंच गया। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने जरूरी कागज और सामान को ऊंची जगह पर रख दिया।

