![]() |
| दुर्ग पुलिस ने साइबर ठगी की रकम के लेनदेन में इस्तेमाल बैंक खातों के मामले में 6 खाताधारकों को गिरफ्तार किया। |
जांच में सामने आया कि इन खातों के जरिए साइबर ठगी से जुड़ी लाखों रुपए से अधिक की संदिग्ध रकम का लेनदेन किया गया। पुलिस अब खातों से हुए आगे के लेनदेन और साइबर ठगी से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
गिरफ्तार किए गए लोगों में दिनेश सोना (22), इस्लाम नगर, उत्कल पारा, सुपेला; हेमंत कुमार मिश्रा (37), शंकर पारा, सुपेला; मोहम्मद आरिफ (30), दुर्गा चौक, टंकी मरौदा; वीरेंद्र विश्वकर्मा (34), हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, चरौदा; अखिलेश गुप्ता (55), अनाज लाइन, नेहरू भवन, सुपेला और रीना देवी, शारदा पारा, छावनी शामिल हैं।
पुलिस के अनुसार, खाताधारकों ने 2 हजार से 15 हजार रुपए तक के कमीशन के लालच में बैंक खाते उपलब्ध कराए थे। खातों के साथ पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक और सिम कार्ड भी दूसरे लोगों को इस्तेमाल करने के लिए दिए गए थे।
पुलिस साइबर ठगी की रकम के लेनदेन के लिए इस्तेमाल किए जा रहे बैंक खातों की जांच कर रही थी। इस दौरान बैंक खातों के लेनदेन, तकनीकी सबूत और अन्य उपलब्ध जानकारी के आधार पर खाताधारकों की पहचान की गई।
जांच में पुलिस को पता चला कि इन खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी से मिली रकम को अलग-अलग बैंक खातों में भेजने और प्राप्त करने के लिए किया गया था। बैंक खातों की जांच में लाखों रुपए से अधिक की संदिग्ध रकम के लेनदेन का पता चला।
मामले की जांच सुपेला थाना और एसीसीयू की टीम ने की। कार्रवाई के दौरान 16 सितंबर को छह खाताधारकों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने उनके कब्जे से बैंक पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक, सिम कार्ड, मोबाइल फोन और अन्य जरूरी दस्तावेज जब्त किए हैं।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन बैंक खातों में साइबर ठगी की रकम कहां से आई और उसे आगे किन खातों में भेजा गया। इसके साथ ही इस पूरे लेनदेन में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
पुलिस की जांच के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए लोग खुद साइबर ठगी करने के बजाय अपने बैंक खाते और उनसे जुड़े दस्तावेज व सिम कार्ड दूसरे लोगों को इस्तेमाल करने के लिए दे रहे थे। इन खातों के जरिए ठगी की रकम को अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर किया जाता था और इसके बदले खाताधारकों को कमीशन मिलता था।
दुर्ग पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे अपना बैंक खाता, पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक या सिम कार्ड किसी दूसरे व्यक्ति को इस्तेमाल करने के लिए न दें। पुलिस ने कहा है कि कमीशन या किसी अन्य लालच में बैंक खाता उपलब्ध कराने पर खाताधारक के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
