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| धमतरी के टिकरापारा में प्रार्थना सभा को लेकर विवाद के बाद पुलिस और प्रशासन ने स्थिति संभाली। |
विवाद की सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। तहसीलदार की मौजूदगी में पुलिस बल तैनात किया गया और दोनों पक्षों को शांत कराने का प्रयास किया गया। हंगामे के कारण मुख्य मार्ग पर यातायात भी प्रभावित हुआ।
हिंदू संगठनों की ओर से आरोप लगाया गया कि प्रार्थना सभा की आड़ में धर्मांतरण से जुड़ी गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। वहीं, ईसाई पक्ष की ओर से प्रार्थना सभा को धार्मिक गतिविधि बताया जा रहा है। दोनों पक्षों के आमने-सामने आने के बाद मौके पर तनाव की स्थिति बनी।
धर्मांतरण से जुड़े आरोपों की मौके पर स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में मामले में प्रशासन की जांच महत्वपूर्ण मानी जा रही है। पुलिस ने हस्तक्षेप करते हुए मौके की स्थिति को नियंत्रित किया और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए निगरानी बढ़ाई।
पुलिस और प्रशासन की मौजूदगी में संभाला गया मामला
हंगामे की जानकारी मिलने के बाद तहसीलदार और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस बल की मौजूदगी में दोनों पक्षों को शांत कराने की कोशिश की गई। अधिकारियों ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर निगरानी बढ़ा दी।
धमतरी में प्रार्थना और चंगाई सभाओं को लेकर पहले भी विवाद सामने आते रहे हैं। सितंबर में जिले के कई चर्चों और प्रार्थना सभा स्थलों के बाहर गैर-ईसाइयों के प्रवेश को लेकर सूचना बोर्ड लगाए जाने का मामला भी सामने आया था।
दीपक बैज ने सरकार पर उठाए सवाल
टिकरापारा की घटना को लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि धर्मांतरण रोकने के लिए सरकार ने कानून बनाया है, इसके बावजूद यदि ऐसी घटनाएं सामने आ रही हैं तो इसकी जिम्मेदारी सरकार की है।
दीपक बैज ने सरकार से यह स्वीकार करने की मांग की कि वह धर्मांतरण रोकने में सफल नहीं हो पा रही है और इसके लिए माफी मांगनी चाहिए। यह बयान टिकरापारा की घटना को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रिया के रूप में सामने आया।
पहले से विवादों में रहा है प्रार्थना सभा का मुद्दा
धमतरी में प्रार्थना सभाओं को लेकर पिछले कुछ समय से विवाद की स्थिति बनी हुई है। हाल में जिले के करीब 40 चर्चों और प्रार्थना सभा स्थलों पर प्रवेश संबंधी सूचना बोर्ड लगाए जाने की रिपोर्ट सामने आई थी।
ईसाई फोरम ने इस कदम को विवाद और कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए उठाया गया बताया था। वहीं, हिंदू संगठनों की ओर से प्रार्थना सभाओं में धर्मांतरण के आरोप लगाए जाते रहे हैं।
टिकरापारा की ताजा घटना में भी धर्मांतरण के आरोपों को लेकर दोनों पक्ष आमने-सामने आए। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार पुलिस और प्रशासन ने मौके पर स्थिति संभाल ली है, जबकि आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
