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| चुनावी प्रक्रिया और चुनाव आयोग को लेकर CM विष्णुदेव साय ने कांग्रेस पर पलटवार किया। |
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था को लेकर सवाल उठाकर देश में भ्रम और सनसनी का माहौल बनाने की कोशिश कर रही है। उनके मुताबिक, बिना आधार किसी संवैधानिक संस्था की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने से लोकतांत्रिक व्यवस्था के प्रति लोगों का भरोसा प्रभावित हो सकता है।
CM साय ने चुनाव आयोग का समर्थन करते हुए कहा कि भारतीय चुनाव आयोग की विश्वसनीयता केवल देश तक सीमित नहीं है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी उसकी चुनावी प्रक्रिया की सराहना होती है। उन्होंने चुनाव आयोग के भीतर मतभेद होने के दावों को भी खारिज करते हुए कहा कि आयोग में किसी तरह का मतभेद नहीं है।
राहुल गांधी के पुराने EVM संबंधी बयानों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कांग्रेस नेता से सवाल किया कि जिन चुनावी प्रक्रियाओं पर वे सवाल उठाते रहे हैं, उन्हीं चुनावों के जरिए वे संसद में पहुंचे हैं। CM साय ने पूछा कि अगर राहुल गांधी को चुनावी व्यवस्था पर भरोसा नहीं है तो क्या वह अपने सांसद पद से इस्तीफा देंगे।
मुख्यमंत्री ने राहुल गांधी के बयानों को लेकर उनसे सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग भी की। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को अपने लगाए गए आरोपों पर गंभीरता से जवाब देना चाहिए।
CM साय ने कांग्रेस पर चुनावी हार के बाद संस्थाओं को जिम्मेदार ठहराने की राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की ओर से झूठ और भ्रम फैलाने से देश की संवैधानिक व्यवस्था को नुकसान पहुंच सकता है।
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस से चुनाव आयोग और लोकतांत्रिक संस्थाओं को लेकर अपने रुख पर स्पष्टीकरण देने की मांग की। फिलहाल उपलब्ध बयान के अनुसार, विवाद का मुख्य केंद्र चुनावी प्रक्रिया, EVM और चुनाव आयोग की विश्वसनीयता को लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच सामने आए राजनीतिक मतभेद हैं।
