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| महासमुंद के सिंघोड़ा थाना क्षेत्र में वाहन चेकिंग के दौरान 111.350 किलो गांजा जब्त किया गया। |
इस मामले में उत्तर प्रदेश के तीन और ओडिशा के चार आरोपियों समेत कुल सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है। कार्रवाई के दौरान गांजा, कंटेनर, पायलटिंग में इस्तेमाल KIA Carens कार और नौ मोबाइल फोन समेत कुल 1 करोड़ 5 लाख 9 हजार 500 रुपये की संपत्ति जब्त की गई है।
पुलिस के अनुसार, मुखबिर से सूचना मिली थी कि कंटेनर क्रमांक RJ 14 GV 0484 में गांजा भरकर ओडिशा से छत्तीसगढ़ की ओर लाया जा रहा है। कंटेनर की पायलटिंग KIA Carens कार क्रमांक OD 11 AC 3003 से किए जाने की जानकारी भी मिली थी।
सूचना के आधार पर सिंघोड़ा पुलिस और ANTF की टीम ने NH-53 पर ग्राम रेहटीखोल के पास नाकाबंदी की। कुछ समय बाद संदिग्ध KIA Carens और उसके पीछे आ रहे कंटेनर को रोककर तलाशी ली गई।
पुलिस ने KIA Carens में सवार चार लोगों से पूछताछ की। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में इन लोगों ने कंटेनर की ओडिशा के संबलपुर से पायलटिंग करने की बात बताई। वहीं, कंटेनर में मौजूद तीन लोगों से पूछताछ के दौरान शुरुआत में अलग-अलग जवाब मिले। पुलिस के अनुसार, पूछताछ के बाद कंटेनर में गांजा होने की जानकारी सामने आई।
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने गांजा ओडिशा के रेडाखोल क्षेत्र से लोड कर महाराष्ट्र के नागपुर ले जाने की बात बताई है। इस मामले में पुलिस ने परिवहन और पायलटिंग से जुड़े कुल सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
जब्त की गई संपत्ति में 111.350 किलो गांजा शामिल है, जिसकी कीमत पुलिस ने 55 लाख 67 हजार 500 रुपये बताई है। इसके अलावा करीब 40 लाख रुपये कीमत का कंटेनर, करीब 8.50 लाख रुपये की KIA Carens और करीब 92 हजार रुपये कीमत के नौ मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं। इन सभी की कुल जब्ती 1,05,09,500 रुपये बताई गई है।
गिरफ्तार आरोपियों में उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ निवासी इरफान अली, कानपुर देहात निवासी शिवम सिंह पाल और प्रतापगढ़ निवासी आरिफ अली शामिल हैं। ये आरोपी परिवहन से जुड़े बताए गए हैं।
ओडिशा से गिरफ्तार आरोपियों में बौद्ध निवासी सुजीत स्वाई, मानस रंजन और आनंद साहू तथा संबलपुर निवासी कृष्णचंद प्रधान शामिल हैं। ये आरोपी पायलटिंग वाहन से जुड़े बताए गए हैं।
महासमुंद पुलिस ने मामले में थाना सिंघोड़ा में अपराध क्रमांक 116/2026 दर्ज किया है। आरोपियों के खिलाफ धारा 20(B)(II)(C) और 29(1) NDPS Act के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस ने मामले को विवेचना में लिया है।
पुलिस के मुताबिक, अंतर्राज्यीय सीमा पर अवैध मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए वाहन चेकिंग और निगरानी लगातार जारी है।
