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| टिकट दलाली से जुड़े आरोपों में टिकट क्लर्क एम वेनू अचारी की गिरफ्तारी का मामला। |
गिरफ्तारी से पहले एम वेनू अचारी अपने वकील के साथ RPF थाने पहुंचा था। शुरुआती पूछताछ में उसके बैंक खाते में हुए लेनदेन को लेकर सवाल किए गए। आरोपी ने कथित तौर पर इन पैसों को निजी संबंधों से जुड़ा बताया।
पूछताछ के दौरान आरोपी क्लर्क ने कथित तौर पर बताया कि टिकट दलाल की पत्नी और उसकी पत्नी आपस में सहेलियां हैं। इसी वजह से दोनों परिवारों के बीच पैसों का लेनदेन होने की दलील दी गई।
हालांकि, RPF की ओर से लेनदेन और उपलब्ध साक्ष्यों को लेकर आगे पूछताछ किए जाने के बाद मामले में टिकट दलाली से जुड़े आरोप सामने आने का दावा किया गया। सूत्रों के मुताबिक, पूछताछ के दौरान आरोपी ने टिकट दलाली से जुड़े होने की बात स्वीकार की।
गिरफ्तारी रोकने के प्रयास को लेकर भी सूत्रों ने दावा किया है। उनके मुताबिक, आरोपी ने कथित तौर पर राजनीतिक संपर्कों का सहारा लेने की कोशिश की और भाजपा के कई नेताओं से RPF अधिकारियों को फोन करवाए। हालांकि, जांच टीम ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई जारी रखी और एम वेनू अचारी को गिरफ्तार कर लिया।
मामले में पूर्व में गिरफ्तार किए जा चुके टिकट दलाल प्रेम दुबे के साथ आरोपी के कथित संपर्क की अवधि भी जांच का हिस्सा है। सूत्रों के मुताबिक, दोनों के बीच संपर्क वर्ष 2022 से था।
बताया गया है कि रायपुर रेल मंडल के जिस टिकट काउंटर पर एम वेनू अचारी की ड्यूटी लगती थी, वहां प्रेम दुबे सामान्य यात्री की तरह लाइन में लगकर टिकट बनवाता था। आरोप है कि इसके बदले टिकट क्लर्क को अलग-अलग digital माध्यमों से भुगतान किया जाता था।
जांच में टिकट क्लर्क की पत्नी के बैंक खाते में हुए कथित लेनदेन को भी शामिल किया गया है। सूत्रों के दावे के अनुसार, कुछ भुगतान उनकी पत्नी के खाते में किए गए थे। RPF इन लेनदेन से जुड़े रिकॉर्ड की जांच कर रही है।
जांच एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कथित तौर पर कितने टिकटों के मामले में क्लर्क और दलाल के बीच लेनदेन हुआ। साथ ही, इस मामले में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका है या नहीं, इसकी भी जांच की जा रही है।
