![]() |
| विजय शंकर दुबे ने एनटीपीसी सीपत के परियोजना प्रमुख का पदभार संभाला। |
विजय शंकर दुबे वर्ष 1995 में एनटीपीसी से कार्यपालक प्रशिक्षु के तौर पर जुड़े थे। उन्होंने करियर की शुरुआत एनटीपीसी विंध्याचल में ऑपरेशन के क्षेत्र से की। इसके बाद उन्होंने योजना एवं प्रणाली विभाग में काम किया, जहां तकनीकी और परियोजना से जुड़े कार्यों का अनुभव हासिल किया।
अपने कार्यकाल के दौरान दुबे ने एनटीपीसी गाडरवाड़ा, नॉर्थ करणपुरा और कॉरपोरेट सेंटर में भी विभिन्न महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाली हैं। परियोजना प्रबंधन और निर्माण से जुड़े कार्यों में भी उनकी भूमिका रही है।
शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो विजय शंकर दुबे ने अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बीई की डिग्री हासिल की है। इसके अलावा उन्होंने एमएसीटी भोपाल से मशीन डिजाइन में एमटेक किया है। परियोजना प्रबंधन और नेतृत्व से जुड़े क्षेत्र में उन्होंने कई प्रोफेशनल ट्रेनिंग भी ली हैं।
एनटीपीसी सीपत में पदभार संभालने के बाद वरिष्ठ अधिकारियों, कर्मचारियों तथा यूनियन और एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने उन्हें शुभकामनाएं दीं।
एनटीपीसी सीपत सुपर थर्मल पावर स्टेशन की कुल स्थापित क्षमता 2,980 मेगावाट है। स्टेशन के स्टेज-1 में 660 मेगावाट की तीन यूनिट और स्टेज-2 में 500 मेगावाट की दो यूनिट शामिल हैं।
सीपत स्टेशन से छत्तीसगढ़ के अलावा सात राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को बिजली की आपूर्ति की जाती है। यह स्टेशन एनटीपीसी के पहले सुपर क्रिटिकल थर्मल पावर प्लांट के रूप में भी उल्लेखित है।
सीपत में 765 केवी का स्विचयार्ड स्थापित है, जिसे देश में अपनी तरह का सबसे बड़ा स्विचयार्ड बताया गया है। इसके अलावा स्टेशन की क्षमता बढ़ाने के लिए स्टेज-III परियोजना पर भी काम चल रहा है।
स्टेज-III के तहत 800 मेगावाट क्षमता की परियोजना अल्ट्रा सुपरक्रिटिकल तकनीक पर विकसित की जा रही है। इसके शुरू होने के बाद एनटीपीसी सीपत स्टेशन की कुल स्थापित क्षमता बढ़कर 3,780 मेगावाट हो जाएगी।
स्टेशन में हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए 26 मेगावाट क्षमता के फ्लोटिंग सोलर पावर प्लांट का निर्माण भी किया जा रहा है।
