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| रायपुर के टिकरापारा थाना क्षेत्र में नौकरी दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी का मामला दर्ज। |
छत्तीसगढ़ नगर निवासी टेलर धन्नू राम ध्रुव की शिकायत के मुताबिक, प्रमोद साल 2023 में उनके घर के पास किराए से रहता था। वह अक्सर अधिकारियों के साथ अपनी पहचान और उठना-बैठना होने की बात करता था। इसी दौरान उसने राजस्व विभाग में भर्ती की जानकारी देते हुए सरकारी नौकरी लगवाने का दावा किया।
धन्नू राम ने अपने साढ़ू के भांजे परमेश्वर मरकाम की नौकरी के लिए प्रमोद से संपर्क किया। शिकायत के अनुसार, प्रमोद ने परमेश्वर के शैक्षणिक दस्तावेज लिए और नौकरी लगवाने के लिए 2.50 लाख रुपए खर्च होने की बात कही।
परिवार ने शुरुआत में 20 हजार रुपए PhonePe के जरिए प्रमोद के खाते में भेजे। इसके बाद 30 सितंबर 2023 को छत्तीसगढ़ नगर में उसे 2.10 लाख रुपए नकद दिए गए।
रकम लेने के बाद प्रमोद ने परमेश्वर को कवर्धा तहसील कार्यालय में काम दिलाने का दावा किया। शिकायत के मुताबिक, उसने परमेश्वर को अंग्रेजी में ज्वाइनिंग संबंधी एक पत्र भी दिया। परमेश्वर ने वहां करीब चार महीने काम किया, लेकिन उसे वेतन नहीं मिला।
वेतन नहीं मिलने के बाद परिवार को नौकरी के दावे पर संदेह हुआ। इसी दौरान धन्नू राम के मुताबिक, प्रमोद ने उनके दो भांजों मिथुन मरकाम और अमित छेदाईया को भी शराब दुकान में सेल्समैन की नौकरी दिलाने का भरोसा दिया।
शिकायत के अनुसार, दोनों युवकों से 50-50 हजार रुपए नकद लिए गए। इस तरह दोनों से कुल एक लाख रुपए लिए गए, लेकिन बाद में उन्हें नौकरी नहीं मिली।
धन्नू राम का आरोप है कि रकम लेने के बाद प्रमोद ने अपना मोबाइल बंद कर दिया। संपर्क नहीं होने पर उन्होंने टिकरापारा थाने में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने शिकायत के आधार पर प्रमोद केशरवानी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। पुलिस पैसों के लेन-देन, संबंधित दस्तावेजों और आरोपी के संपर्कों की जांच कर रही है।
धन्नू राम ने अपने साढ़ू के भांजे परमेश्वर मरकाम की नौकरी के लिए प्रमोद से संपर्क किया। शिकायत के अनुसार, प्रमोद ने परमेश्वर के शैक्षणिक दस्तावेज लिए और नौकरी लगवाने के लिए 2.50 लाख रुपए खर्च होने की बात कही।
परिवार ने शुरुआत में 20 हजार रुपए PhonePe के जरिए प्रमोद के खाते में भेजे। इसके बाद 30 सितंबर 2023 को छत्तीसगढ़ नगर में उसे 2.10 लाख रुपए नकद दिए गए।
रकम लेने के बाद प्रमोद ने परमेश्वर को कवर्धा तहसील कार्यालय में काम दिलाने का दावा किया। शिकायत के मुताबिक, उसने परमेश्वर को अंग्रेजी में ज्वाइनिंग संबंधी एक पत्र भी दिया। परमेश्वर ने वहां करीब चार महीने काम किया, लेकिन उसे वेतन नहीं मिला।
वेतन नहीं मिलने के बाद परिवार को नौकरी के दावे पर संदेह हुआ। इसी दौरान धन्नू राम के मुताबिक, प्रमोद ने उनके दो भांजों मिथुन मरकाम और अमित छेदाईया को भी शराब दुकान में सेल्समैन की नौकरी दिलाने का भरोसा दिया।
शिकायत के अनुसार, दोनों युवकों से 50-50 हजार रुपए नकद लिए गए। इस तरह दोनों से कुल एक लाख रुपए लिए गए, लेकिन बाद में उन्हें नौकरी नहीं मिली।
धन्नू राम का आरोप है कि रकम लेने के बाद प्रमोद ने अपना मोबाइल बंद कर दिया। संपर्क नहीं होने पर उन्होंने टिकरापारा थाने में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने शिकायत के आधार पर प्रमोद केशरवानी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। पुलिस पैसों के लेन-देन, संबंधित दस्तावेजों और आरोपी के संपर्कों की जांच कर रही है।
