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| मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रायपुर में ‘हनुमान अंश’ फिल्म देखने के बाद इसे छत्तीसगढ़ में टैक्स फ्री करने की घोषणा की। |
इस दौरान मंत्रिपरिषद के सदस्य और विभिन्न निगम-मंडल-आयोगों के अध्यक्षों सहित अन्य गणमान्य नागरिकों ने भी फिल्म देखी। फिल्म देखने के बाद मुख्यमंत्री साय ने निर्माताओं, निर्देशक, कलाकारों और पूरी टीम के प्रयासों की सराहना की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक विरासत और संत परंपरा से समाज को परिचित कराने वाली प्रेरणादायी फिल्मों को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचना चाहिए। उनके मुताबिक, फिल्म को टैक्स फ्री किए जाने से प्रदेश के अधिक दर्शकों, खासकर युवाओं को भारत की संत परंपरा और उससे जुड़े जीवन मूल्यों को जानने का अवसर मिलेगा।
साय ने भारतीय संत परंपरा के संदर्भ में सत्य, सेवा, करुणा, प्रेम और आध्यात्मिकता जैसे मूल्यों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि संतों ने अपने जीवन और आचरण के जरिए मानवता और लोककल्याण का संदेश दिया है।
मुख्यमंत्री ने नीम करौली बाबा के जीवन को भी इसी परंपरा का प्रेरणादायी उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि नीम करौली बाबा ने सरल जीवन और सहज शब्दों के माध्यम से प्रेम, सेवा और भक्ति का संदेश दिया तथा मानवता और सभी के प्रति समान भाव को महत्व दिया।
उन्होंने कहा कि नीम करौली बाबा का संदेश आज भी प्रासंगिक है और समाज को सकारात्मक दिशा देने की क्षमता रखता है। मुख्यमंत्री के अनुसार, सेवा, करुणा, सद्भाव और मानव कल्याण जैसे मूल्यों को आगे बढ़ाना सामूहिक जिम्मेदारी है।
‘हनुमान अंश’ फिल्म नीम करौली बाबा के जीवन, उनकी आध्यात्मिक यात्रा तथा सेवा और भक्ति के संदेश पर आधारित है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सिनेमा केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके माध्यम से समाज तक विचार, संस्कार और प्रेरणा भी पहुंचाई जा सकती है।
उन्होंने भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक विरासत पर आधारित फिल्मों को नई पीढ़ी को अपनी जड़ों, परंपराओं और मानवीय मूल्यों से जोड़ने वाला माध्यम बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘हनुमान अंश’ जैसी फिल्में इन मूल्यों को सरल और प्रभावी तरीके से समाज तक पहुंचाने का प्रयास करती हैं।
फिल्म देखने के अवसर पर राज्यपाल रमेन डेका, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, मंत्रिपरिषद के सदस्य, विभिन्न निगम-मंडल-आयोगों के अध्यक्ष और अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
