![]() |
| सत्य निकेतन इमारत हादसे के बाद मलबे में रेस्क्यू अभियान चलाया गया। |
जानकारी के अनुसार, युवराज छुट्टियों के बाद करीब तीन दिन पहले ही दुर्ग से दिल्ली लौटा था। रविवार को हादसे के समय वह अपने दोस्त आर्यन से फोन पर बात कर रहा था। दोनों बाहर घूमने जाने की योजना बना रहे थे।
इसी बातचीत के दौरान अचानक युवराज की आवाज आनी बंद हो गई। आर्यन ने फोन पर कई बार युवराज को आवाज लगाई और संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन दूसरी तरफ से कोई जवाब नहीं मिला। करीब एक मिनट बाद कॉल भी कट गई।
कुछ देर बाद आर्यन को सत्य निकेतन इलाके में इमारत गिरने की जानकारी मिली। इसके बाद उसे युवराज की चिंता हुई और वह तुरंत घटनास्थल पर पहुंच गया। मौके पर मलबे में रेस्क्यू ऑपरेशन चल रहा था, जहां आर्यन ने अपने दोस्त के बारे में जानकारी जुटाने और उसकी तलाश करने की कोशिश की।
कई घंटे चले तलाश और रेस्क्यू अभियान के बाद आर्यन को युवराज की मौत की जानकारी मिली। उसे बताया गया कि युवराज का शव दिल्ली के एम्स ट्रॉमा सेंटर में रखा गया है।
घटना की जानकारी मिलने के बाद युवराज के परिजन दिल्ली के लिए रवाना हो गए हैं। परिवार के दिल्ली पहुंचने के बाद शव की पहचान और अन्य आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
छुट्टियों से लौटने के कुछ ही दिनों बाद युवराज के साथ हुए इस हादसे ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। परिवार और परिचितों के लिए उसकी अचानक हुई मौत बेहद दुखद है।
