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| त्योहारों से पहले दुर्ग पुलिस ने DJ, Sound System और पंडाल संचालकों को नियमों की जानकारी दी। |
त्योहारों का सीजन शुरू होने से पहले दुर्ग पुलिस ने DJ, Sound System, पंडाल और किराया भंडार संचालकों के लिए नियमों को लेकर सख्ती बढ़ा दी है। सेक्टर-6 स्थित पुलिस कंट्रोल रूम में हुई बैठक में जिले के 50 से ज्यादा संचालकों को बुलाकर ध्वनि, यातायात और सुरक्षा से जुड़े निर्देश समझाए गए।
दुर्ग पुलिस के निर्देश के मुताबिक रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक DJ, Sound System और ध्वनि बढ़ाने वाले यंत्रों के साथ वाद्य यंत्रों का इस्तेमाल प्रतिबंधित रहेगा। दिन के समय भी निर्धारित सीमा से अधिक आवाज होने पर कार्रवाई की जा सकती है।
बैठक में संचालकों को बताया गया कि सार्वजनिक स्थानों पर ध्वनि विस्तारक यंत्र की आवाज आसपास के सामान्य शोर से 10 इकाई से अधिक नहीं होनी चाहिए। इसके साथ ही आवाज 75 इकाई से ऊपर नहीं जा सकती। इन दोनों में जो सीमा कम होगी, वही लागू मानी जाएगी।
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| त्योहारों से पहले दुर्ग पुलिस ने DJ, Sound System और पंडाल संचालकों को नियमों की जानकारी दी। |
ध्वनि के स्तर की निगरानी के लिए संचालकों को अपने साथ आवाज मापने वाला यंत्र रखने के निर्देश भी दिए गए हैं। यानी केवल तेज आवाज सुनाई देने के आधार पर ही नहीं, बल्कि निर्धारित ध्वनि सीमा के आधार पर भी जांच की जा सकती है।
अस्पताल, स्कूल-कॉलेज, न्यायालय और सरकारी कार्यालयों के आसपास ध्वनि को लेकर विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है। इन संस्थानों के 100 मीटर के दायरे को शांत क्षेत्र माना जाएगा और यहां तेज आवाज में DJ या अन्य ध्वनि यंत्र चलाना नियमों का उल्लंघन हो सकता है।
पुलिस ने वाहनों पर ध्वनि विस्तारक यंत्र लगाकर उनका इस्तेमाल करने से भी मना किया है। त्योहारों के दौरान जुलूस या दूसरे आयोजनों में चलते वाहन से तेज आवाज निकालने की व्यवस्था पर भी रोक रहेगी।
पंडाल संचालकों के लिए भी बैठक में स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए। पुलिस के अनुसार पंडाल सफेद निशान के पीछे ही लगाया जाना चाहिए। मुख्य सड़क, लोगों के आने-जाने का रास्ता और आपातकालीन मार्ग किसी भी स्थिति में बाधित नहीं होना चाहिए।
पंडाल लगाने से पहले नगर निगम और संबंधित विभागों से जरूरी अनुमति लेना अनिवार्य होगा। आयोजन से पहले आग से बचाव और बिजली की सुरक्षा की जांच कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।
इसके अलावा पंडाल में कितने लोगों की क्षमता होगी और उसकी संरचना सुरक्षित है या नहीं, इसकी भी जांच कराने को कहा गया है। इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य त्योहारों के दौरान ध्वनि, यातायात और सुरक्षा से जुड़े नियमों का पालन सुनिश्चित करना है।
बैठक में पुलिस ने बताया कि ये निर्देश केवल त्योहारों के दौरान व्यवस्था बनाए रखने के लिए नहीं हैं, बल्कि अदालत और शासन की ओर से पहले से तय नियमों के अनुरूप हैं। संचालकों को उच्च न्यायालय के 20 नवंबर 2023 के आदेश और ध्वनि प्रदूषण से संबंधित नियमों का पालन करने के लिए कहा गया है।
अस्पताल, स्कूल-कॉलेज, न्यायालय और सरकारी कार्यालयों के आसपास ध्वनि को लेकर विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है। इन संस्थानों के 100 मीटर के दायरे को शांत क्षेत्र माना जाएगा और यहां तेज आवाज में DJ या अन्य ध्वनि यंत्र चलाना नियमों का उल्लंघन हो सकता है।
पुलिस ने वाहनों पर ध्वनि विस्तारक यंत्र लगाकर उनका इस्तेमाल करने से भी मना किया है। त्योहारों के दौरान जुलूस या दूसरे आयोजनों में चलते वाहन से तेज आवाज निकालने की व्यवस्था पर भी रोक रहेगी।
पंडाल संचालकों के लिए भी बैठक में स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए। पुलिस के अनुसार पंडाल सफेद निशान के पीछे ही लगाया जाना चाहिए। मुख्य सड़क, लोगों के आने-जाने का रास्ता और आपातकालीन मार्ग किसी भी स्थिति में बाधित नहीं होना चाहिए।
पंडाल लगाने से पहले नगर निगम और संबंधित विभागों से जरूरी अनुमति लेना अनिवार्य होगा। आयोजन से पहले आग से बचाव और बिजली की सुरक्षा की जांच कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।
इसके अलावा पंडाल में कितने लोगों की क्षमता होगी और उसकी संरचना सुरक्षित है या नहीं, इसकी भी जांच कराने को कहा गया है। इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य त्योहारों के दौरान ध्वनि, यातायात और सुरक्षा से जुड़े नियमों का पालन सुनिश्चित करना है।
बैठक में पुलिस ने बताया कि ये निर्देश केवल त्योहारों के दौरान व्यवस्था बनाए रखने के लिए नहीं हैं, बल्कि अदालत और शासन की ओर से पहले से तय नियमों के अनुरूप हैं। संचालकों को उच्च न्यायालय के 20 नवंबर 2023 के आदेश और ध्वनि प्रदूषण से संबंधित नियमों का पालन करने के लिए कहा गया है।

