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| दुर्ग जमीन धोखाधड़ी मामले में गिरफ्तार लोकेश खुल्लर |
पुलिस के मुताबिक आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। मामले के दो अन्य आरोपी अजय साहू और अमित साहू फरार हैं और पुलिस उनकी तलाश कर रही है।
शांति नगर निवासी 53 वर्षीय विजय सिंह चौहान ने 14 सितंबर 2026 को मोहन नगर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, वर्ष 2024 में उसकी पहचान अजय साहू से हुई थी। अजय ने खुद को जमीन की खरीद-बिक्री का काम करने वाला बताया और बाद में विजय की मुलाकात लोकेश खुल्लर और अमित साहू से कराई।
शिकायत में बताया गया कि तीनों ने विजय को उरला, दुर्ग में करीब 10 हजार वर्गफीट जमीन दिखाई। आरोपियों ने जमीन में निवेश करने पर कम समय में अच्छा मुनाफा मिलने की बात कही। विजय पूरी जमीन खरीदने में सक्षम नहीं था, इसलिए लोकेश ने आधी जमीन खुद खरीदकर उसके साथ सौदा करने की बात कही।
पुलिस के अनुसार, जमीन मालिकों से मुलाकात के बाद जमीन का सौदा 1,250 रुपए प्रति वर्गफीट की दर से तय हुआ। इसके बाद 7 अक्टूबर 2024 को जमीन का इकरारनामा कराया गया। शिकायत के मुताबिक, लोकेश ने रजिस्ट्री से पहले जमीन का सीमांकन कराने और मौके पर लगे बिजली के खंभे को हटवाने की जिम्मेदारी ली थी।
शिकायतकर्ता के अनुसार, आरोपियों के कहने पर 3 अक्टूबर 2024 को अमित साहू को 51 हजार रुपए दिए गए। इसके बाद 7 अक्टूबर को जमीन मालिकों के नाम 5 लाख और 4.50 लाख रुपए के चेक दिए गए।
शिकायत के मुताबिक दोनों चेक की रकम संबंधित खातों से निकाल ली गई। इस तरह जमीन के सौदे में कुल 10.01 लाख रुपए दिए गए।
आरोप है कि रकम लेने के बाद तय समय में जमीन का सीमांकन और रजिस्ट्री नहीं कराई गई। आरोपियों की ओर से काम जल्द पूरा कराने का आश्वासन दिया जाता रहा।
बाद में विजय को पता चला कि जिस जमीन के लिए उसने रकम दी थी, उसे किसी दूसरे व्यक्ति को बेच दिया गया और उसकी रजिस्ट्री भी करा दी गई। इसके बाद उसने अपनी रकम वापस मांगी, लेकिन शिकायत के अनुसार पैसा वापस नहीं किया गया।
शिकायत मिलने के बाद मोहन नगर पुलिस ने मामला दर्ज कर दस्तावेजों और लेन-देन से जुड़े साक्ष्यों की जांच शुरू की। विवेचना के दौरान पुलिस ने लोकेश खुल्लर उर्फ लक्की की पहचान की और 15 सितंबर को उसे गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। मामले में अजय साहू और अमित साहू अभी फरार बताए गए हैं। पुलिस दोनों की तलाश कर रही है।
आरोप है कि रकम लेने के बाद तय समय में जमीन का सीमांकन और रजिस्ट्री नहीं कराई गई। आरोपियों की ओर से काम जल्द पूरा कराने का आश्वासन दिया जाता रहा।
बाद में विजय को पता चला कि जिस जमीन के लिए उसने रकम दी थी, उसे किसी दूसरे व्यक्ति को बेच दिया गया और उसकी रजिस्ट्री भी करा दी गई। इसके बाद उसने अपनी रकम वापस मांगी, लेकिन शिकायत के अनुसार पैसा वापस नहीं किया गया।
शिकायत मिलने के बाद मोहन नगर पुलिस ने मामला दर्ज कर दस्तावेजों और लेन-देन से जुड़े साक्ष्यों की जांच शुरू की। विवेचना के दौरान पुलिस ने लोकेश खुल्लर उर्फ लक्की की पहचान की और 15 सितंबर को उसे गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। मामले में अजय साहू और अमित साहू अभी फरार बताए गए हैं। पुलिस दोनों की तलाश कर रही है।
