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| बारिश और बाढ़ से हुए नुकसान के सर्वे के बाद मुआवजा देने की बात मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कही। |
सुकमा रवाना होने से पहले मुख्यमंत्री ने मीडिया से बातचीत में कहा था कि लगातार बारिश के चलते प्रदेश के कई हिस्सों में बाढ़ की स्थिति बनी है। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों में जाकर लोगों से मिलने और वहां की स्थिति की जानकारी लेने की बात कही थी। बारिश और बाढ़ से फसलों तथा मकानों को नुकसान पहुंचने की जानकारी भी सामने आई थी।
मुख्यमंत्री के अनुसार नुकसान का आकलन सर्वे के जरिए किया जाएगा। सर्वे और क्षति का मूल्यांकन पूरा होने के बाद मुआवजे की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। यानी प्रभावित किसानों और परिवारों को मिलने वाली राहत का आधार वास्तविक नुकसान का आकलन होगा।
बाद में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सुकमा के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा भी किया और प्रभावित लोगों से मुलाकात की। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, इस दौरान मकानों, फसलों और अन्य नुकसान का सर्वे कराने तथा राहत कार्यों की समीक्षा पर जोर दिया गया।
बारिश और बाढ़ से प्रभावित इलाकों में नुकसान की वास्तविक तस्वीर सर्वे पूरा होने के बाद स्पष्ट होगी। मुख्यमंत्री की ओर से मुआवजे का भरोसा दिए जाने के बाद अब प्रशासनिक आकलन और उसके आधार पर राहत की प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी।
इस बीच मुख्यमंत्री ने अपने प्रस्तावित सिंगापुर दौरे की जानकारी भी दी थी। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में नई उद्योग नीति लागू होने के बाद निवेशकों से संपर्क के लिए देश और विदेश में इन्वेस्टर मीट आयोजित की जा रही हैं। इसी क्रम में मुख्यमंत्री 4, 5 और 6 अक्टूबर को सिंगापुर प्रवास पर रहेंगे।
सिंगापुर दौरे के दौरान राज्य में निवेश की संभावनाओं और नई औद्योगिक नीति के तहत निवेश आकर्षित करने से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। मुख्यमंत्री ने यह जानकारी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के दौरे से पहले मीडिया बातचीत के दौरान दी थी।
