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| छत्तीसगढ़ में 21 सितंबर से 17 सूत्रीय मांगों को लेकर जूनियर डॉक्टरों का अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार प्रस्तावित है। |
एसोसिएशन की ओर से आंदोलन की जानकारी चिकित्सा प्रशासन और संबंधित अधिकारियों को पहले ही दी जा चुकी है। ऐसे में सरकारी मेडिकल कॉलेजों से जुड़े अस्पतालों में नियमित चिकित्सा सेवाओं पर असर पड़ने की संभावना है।
जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन के अनुसार, कार्य बहिष्कार में केवल जूनियर डॉक्टर ही शामिल नहीं होंगे। पीजी रेजिडेंट डॉक्टर, सीनियर रेजिडेंट, बॉन्डेड इन-सर्विस डॉक्टर और कॉन्ट्रैक्ट डॉक्टर भी आंदोलन का हिस्सा होंगे।
इन चिकित्सकों के कार्य बहिष्कार में शामिल होने से मेडिकल कॉलेजों से जुड़े अस्पतालों में नियमित इलाज और अन्य स्वास्थ्य सेवाओं पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है।
एसोसिएशन का कहना है कि चिकित्सकों से संबंधित 17 मांगों को लेकर पहले ही संबंधित अधिकारियों और चिकित्सा प्रशासन के सामने बात रखी जा चुकी है। संगठन के मुताबिक, मांगों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने के बाद कार्य बहिष्कार का फैसला लिया गया।
अब 21 सितंबर की सुबह 8 बजे से शुरू होने वाला यह आंदोलन अनिश्चितकालीन रहेगा। आंदोलन आगे किस दिशा में जाएगा, यह सरकार और चिकित्सा प्रशासन की ओर से मांगों पर की जाने वाली कार्रवाई पर निर्भर करेगा।
